शाजापुर जिले और इसके आसपास के ग्रामीण अंचलों में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली।
शाम करीब 5:00 बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश ने जहां एक ओर लोगों को उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई गांवों की पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलियों के ऊपर से बहा पानी, आवागमन हुआ बाधितप्राप्त जानकारी के अनुसार, अचानक हुई इस तेज बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली कई छोटी पुलियां जलमग्न हो गईं। सबसे ज्यादा परेशानी का सबब बिजा ना और हरियाणी (बिजा ना-हरियाणी) गांव का पुल बना। बारिश के पानी के तेज बहाव के कारण इस पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से यातायात को रोकना पड़ा।एक घंटे तक फँसे रहे राहगीरपुल के ऊपर पानी आ जाने के कारण इस मार्ग पर लगभग एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बंद रहा।
रविवार का दिन होने के कारण मार्ग पर लोगों की आवाजाही बनी हुई थी, लेकिन पुल बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को पानी उतरने का लंबा इंतजार करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। पानी का बहाव कम होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली और यातायात दोबारा सुचारू हो सका।
आसपास के गांव वालों का कहना है कि बारिश के मौसम में अक्सर इन पुलियों पर पानी आ जाता है, जिससे उनका जिला मुख्यालय और अन्य गांवों से संपर्क टूट जाता है।
रविवार शाम को हुई इस बारिश ने एक बार फिर जलभराव और पुलियों की ऊंचाई कम होने की समस्या को उजागर कर दिया है।















