संवाददाता : पवन परमार | जिला देवास के ग्राम धन्देडा स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का जर्जर भवन बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश के बीच विद्यालय की छत कई स्थानों से टपक रही है, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को भय के माहौल में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि भवन की बदहाल स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण कुमार धाकड़ ने बताया कि छत से लगातार पानी रिसने के कारण प्रधानाध्यापक कक्ष में रखी महत्वपूर्ण पुस्तकें, अभिलेख और अन्य शैक्षणिक सामग्री भीगकर खराब हो गई है।
बारिश के दौरान विद्यालय का संचालन करना अत्यंत कठिन हो जाता है। प्राथमिक विद्यालय की स्थिति भी चिंताजनक है। कक्षाओं की छत से लगातार पानी टपकने के कारण बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाना मुश्किल हो रहा है। कई कमरों में फर्श पर पानी भर जाने से अध्ययन कार्य बाधित हो रहा है।एक ही कक्ष में पहली से आठवीं तक की पढ़ाईभवन की जर्जर स्थिति के चलते पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई फिलहाल एक ही कक्ष में कराई जा रही है। अन्य कमरों का उपयोग असुरक्षित होने के कारण बंद कर दिया गया है। अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाने से शिक्षकों के सामने भी कठिनाई खड़ी हो गई है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि भवन की मरम्मत अथवा नए भवन की मांग कई बार संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो बारिश के मौसम में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
अधिकारियों का पक्षब्लॉक शिक्षा अधिकारी सज्जन सिंह मालवीय (सोनकच्छ) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं होने से उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।संकुल प्रभारी मुन्नालाल अंगोरिया ने बताया कि जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी। इस संबंध में बीआरसी सोनकच्छ को सूचना भेज दी गई है।
जनशिक्षक प्रेम नारायण बामनिया ने कहा कि विद्यालय भवन की खराब स्थिति की जानकारी पहले ही बीआरसी कार्यालय सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
इंजीनियर अशोक कन्नौजे ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की रिपोर्ट विभाग को भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत करा दिया गया है।
वहीं योगेश (संबंधित अधिकारी) का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में इस विद्यालय भवन के संबंध में उनके पास कोई आवेदन या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए अथवा वैकल्पिक सुरक्षित भवन में कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।















