शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-स्थानीय विद्यालय पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुरा में 21 वीं सदी के कौशल आधारित गतिविधियों के अंतर्गत “बजट बनाओ”वित्तीय साक्षरता विषय पर (काम/ कार्य/ रोजगार) जीवन कौशल गतिविधि का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम भाषा देख दीप प्रज्ज्वलन ,प्रार्थना के पश्चात विद्यालय के प्राचार्य रीता धोबी मैं दीप प्रदान किया एवं इस गतिविधि का विवरण छात्राओं को दिया।
इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में धन के उचित प्रबंधन, बचत की आदत तथा बजट निर्माण की समझ विकसित करना था, जिससे वे भविष्य में आर्थिक रूप से जागरूक एवं आत्मनिर्भर नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ विषय परिचय के साथ गतिविधि प्रभारी इंदिरा जैन व उप प्राचार्य पीयूष गदिया ने किया। छात्राओं को व्यक्तिगत वित्त, आय एवं व्यय, बचत, आवश्यक एवं अनावश्यक खर्च तथा बजट के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सीमित आय में भी योजनाबद्ध तरीके से खर्च कर भविष्य की आवश्यकताओं के लिए बचत की जा सकती है।
इसके पश्चात प्रत्येक छात्राओं को एक काल्पनिक मासिक आय ₹10,000, 20000, 25000, 450000 प्रदान की गई। छात्राओं से कहा गया कि वे इस आय के आधार पर भोजन, शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य, बिजली-पानी, मोबाइल, मनोरंजन, आपातकालीन निधि तथा बचत जैसे विभिन्न मदों में संतुलित मासिक बजट तैयार करें।
छात्राओं ने अपनी आवश्यकताओं के अनुसार आय का उचित विभाजन किया तथा बचत को भी अपने बजट का महत्वपूर्ण भाग बनाया। इस गतिविधि में कक्षा 9 से 12 की छात्राओं ने भाग लिया।
जिसमें सबसे अच्छा बजट प्रबंधन कक्षा 12 की छात्रा वंशिका कसेरा व कक्षा 11 की छात्रा कृतिका नाई किया।गतिविधि के दूसरे चरण में विद्यालय परिसर में “मिनी स्टोर” की व्यवस्था की गई, जिसमें दैनिक उपयोग की वस्तुओं के मूल्य प्रदर्शित किए गए।
छात्राओं ने उपलब्ध बजट के अनुसार आवश्यक वस्तुओं का चयन किया तथा उनके मूल्य का आकलन करते हुए कुल व्यय की गणना की। इस अभ्यास के माध्यम से उन्हें वस्तुओं की कीमतों की तुलना करना, आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेना सिखाया गया।
गतिविधि के दौरान छात्राओं ने समूह चर्चा के माध्यम से अपने-अपने बजट प्रस्तुत किए। शिक्षकों ने विभिन्न बजटों का विश्लेषण करते हुए बेहतर वित्तीय निर्णय लेने के उपाय बताए। छात्राओं को बचत, निवेश, आपातकालीन निधि तथा अनावश्यक खर्चों से बचने के महत्व पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं में वित्तीय अनुशासन, तार्किक निर्णय क्षमता, योजना निर्माण, गणनात्मक कौशल तथा जिम्मेदारी की भावना का विकास हुआ। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा यह अनुभव उनके दैनिक जीवन में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
अंत में प्रधानाचार्य महोदय/महोदया ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता आज के समय की अत्यंत आवश्यक जीवन-कौशल है और प्रत्येक विद्यार्थी को बजट निर्माण एवं धन प्रबंधन की जानकारी होना आवश्यक है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ एवं कक्षा 9 से 12 की छात्राएं में उपस्थित रही।
गतिविधि के प्रमुख बिंदु
• वित्तीय साक्षरता के महत्व की जानकारी दी गई।
• काल्पनिक मासिक आय के आधार पर व्यक्तिगत बजट तैयार कराया गया।
• विद्यालय में मिनी स्टोर के माध्यम से वस्तुओं के मूल्य का व्यावहारिक अनुभव कराया गया।
• आवश्यक एवं अनावश्यक खर्चों में अंतर समझाया गया।
• बचत एवं भविष्य की वित्तीय योजना बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
गतिविधि का परिणामइस गतिविधि से छात्राओं में वित्तीय जागरूकता, बजट निर्माण, धन के विवेकपूर्ण उपयोग तथा बचत की आदत विकसित हुई।
उन्होंने यह समझा कि योजनाबद्ध आर्थिक प्रबंधन से सीमित आय में भी बेहतर जीवन-यापन किया जा सकता है। यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।















