शाहपुरा चारागाह व सरकारी जमीनों पर लगभग 20 करोड़ से अधिक का महाघोटाला: कांग्रेस नेता नरेंद्र कुमार रेगर ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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उग्र आंदोलन की दी चेतावनी अवैध समिति बनाकर चारागाह की 20 बीघा बेशकीमती जमीन हड़पने का प्रयास: भाजपा विधायक व नेताओं पर गंभीर आरोपपटवारी, तहसीलदार, एसडीएम, बिजली विभाग और नगर पालिका अधिकारियों की मिलीभगत उजागर करने की मांगदोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर वैधानिक व विभागीय कार्रवाई न होने पर कांग्रेस करेगी बड़ा जन-आंदोलन

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।भीलवाड़ा/शाहपुरा, 13 जुलाई 2026: शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी नरेन्द्र कुमार रेगर ने शाहपुरा और बनेड़ा क्षेत्र में सरकारी व चारागाह भूमियों पर हो रहे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सोमवार को उन्होंने भीलवाड़ा जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस पूरे प्रकरण में लिप्त दोषी अधिकारियों व राजनीतिक रसूखदारों के खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

अवैध समिति बनाकर 20 बीघा बेशकीमती जमीन हड़पने का खेलजिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में नरेंद्र कुमार रेगर ने शाहपुरा स्थित चारागाह भूमि से संबंधित अत्यंत गंभीर अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर से केकड़ी मार्ग पर प्रस्तावित फोरलेन हाईवे के पास स्थित बेहद बेशकीमती 20 बीघा चारागाह भूमि को हड़पने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई।

इसके तहत नियमों को ताक पर रखकर एक ही परिवार के सदस्यों की एक ‘अवैध गौशाला समिति’ बनाई गई और बिना किसी उचित जांच के नियमों के विपरीत इस जमीन का आवंटन कराने का कुप्रयास किया गया। इस घोटाले की अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा नेताओं की मिलीभगत के आरोपकांग्रेस नेता ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह महाघोटाला बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है। उन्होंने इस भ्रष्टाचार में माता जी का खेड़ा के पटवारी से लेकर गिरदावर, तहसीलदार, उपखण्ड अधिकारी (SDM), बिजली विभाग के AEN, JEN, नगर पालिका के ईओ (EO) तथा सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार की मिलीभगत होने का दावा किया है।

इसके अलावा, उन्होंने बनेड़ा उपखण्ड के अरनिया रासा में पंचायत की जमीन पर भाजपा जिला मंत्री द्वारा किए गए अवैध कब्जे तथा बेरा पंचायत में बिला नाम भूमि (शमशान हेतु प्रस्तावित) को भाजपा विधायक द्वारा अपने पुत्र के नाम से फर्म बनाकर लेटरपैड के जरिये हड़पने के प्रयासों का भी पुरजोर विरोध किया है।

रेगर ने बताया कि इस आवंटन का विरोध करने वाले तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी का दुर्भावनापूर्ण तरीके से तबादला तक करवा दिया गया था।नियमों की अनदेखी पर आमजन में भारी रोषप्रेस नोट में नरेंद्र कुमार रेगर ने कहा कि नियमों की पूर्ण जानकारी होने के बावजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए बिना ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर

आवंटन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर निजी हितों को साधने के इन प्रयासों से क्षेत्र के आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीकांग्रेस नेता नरेन्द्र कुमार रेगर ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है,

“यदि इस महाघोटाले और अवैध आवंटन प्रक्रिया पर अतिशीघ्र रोक लगाकर दोषी अधिकारियों व नेताओं के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है, तो कांग्रेस पार्टी आम जनता के हक के लिए आगामी दिनों में सड़कों पर उतरकर एक उग्र और ऐतिहासिक आंदोलन के लिए मजबूर होगी।”

ज्ञापन मे प्रदेश सचिव शकर लाल गाडरी, ब्लाक अध्यक्ष महावीर कुमावत, नगर अध्यक्ष रमेश सेन, नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधी सुनील मिश्रा, नगर अध्यक्ष रायला अनिल कोगटा, मण्डल अध्यक्ष सत्यनारायण सुवालका, प्रधान चाडा, मनोज जाट, बक्षु जाट, कैलाशा जाट पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, आनंद शर्मा,

शकर रेगर, नितेश चोधरी,अतुल त्रिपाठी प्रदेश सचिव चिकित्सा प्रकोष्ठ राजस्थान कैलाश देतवाल, प्रकाश शर्मा, चन्द्र प्रकाश अमरवाल, नरेन्द्र गुर्जर, किशन गोदारा, राजेश शर्मा, सोहन लाल भोजपुरिया, रामेश्वर जाट, छगन लाल रेगर, मोहन गुर्जर, इकबाल, गुलाब ओझा, राकेश कोगटा, अभिषेक जाट, शिवराज आचार्य, गिरधारी गुर्जर, दीपेन्द्र सिह, देवराज जाट आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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