फ़िल्म के हिट या फ्लॉप होने पर टिकी थी अजय देवगन और काजोल की शादी
फ़िल्म के हिट या फ्लॉप होने पर टिकी थी अजय देवगन और काजोल की शादी
शाहपुरा,भीलवाड़ा (राजस्थान)-राजेन्द्र खटीक।
मुंबई/बॉलीवुड में कई प्रेम कहानियां शुरू हुईं… कई खत्म भी हो गईं। लेकिन एक प्रेम कहानी ऐसी भी थी, जिसका भविष्य किसी वादे, किसी अंगूठी या किसी परिवार ने नहीं…बल्कि 24 जुलाई 1998 को रिलीज़ हुई ‘प्यार तो होना ही था’ फिल्म के बॉक्स ऑफिस रिज़ल्ट ने तय किया था।साल 1998…अजय देवगन और काजोल ‘प्यार तो होना ही था’ की शूटिंग कर रहे थे। कैमरे के सामने निभाया जा रहा प्यार अब असल जिंदगी में भी अपनी जगह बना चुका था।
दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ चुके थे और अजय ने आखिरकार काजोल के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया।लेकिन तभी कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बताया जाता है कि काजोल ने अजय से कहा…”अगर ‘प्यार तो होना ही था’ हिट हुई, तो हम शादी करेंगे… लेकिन अगर फिल्म नहीं चली, तो इस शादी की बात यहीं खत्म।”अब यह सिर्फ़ एक फिल्म नहीं रह गई थी।
यह उनके प्यार की सबसे बड़ी परीक्षा बन चुकी थी।24 जुलाई 1998 फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई। रोमांस, भावनाएं, संगीत और अजय-काजोल की शानदार केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। लगभग 7.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 31.55 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया और सुपरहिट साबित हुई।
और उसी पल…वो शर्त भी जीत गई, जिसने दो दिलों को हमेशा के लिए एक कर दिया। 24 फरवरी 1999 को अजय देवगन और काजोल शादी के बंधन में बंध गए। लेकिन इस फिल्म की कहानी सिर्फ़ यहीं तक सीमित नहीं थी।बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी फिल्म से सुनील ग्रोवर ने बॉलीवुड में अपना पहला छोटा-सा कदम रखा था।
फिल्म में काजोल के मंगेतर का किरदार निभाने वाले बिजय आनंद को कई फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने चमकती फिल्मी दुनिया छोड़कर योग और अध्यात्म का रास्ता चुन लिया। वहीं निर्देशक अनीस बज्मी ने दूसरी बार अजय और काजोल की जोड़ी पर भरोसा किया… और वही जोड़ी आगे चलकर
बॉलीवुड की सबसे सफल और सम्मानित जोड़ियों में शामिल हो गई। 24 जुलाई के दिन, 28 साल से भी ज़्यादा समय बाद भी अजय देवगन और काजोल का रिश्ता इस बात की मिसाल है कि कुछ कहानियां सिर्फ़ पर्दे पर नहीं बनतीं…वे पर्दे के पीछे भी इतिहास लिखती हैं।’प्यार तो होना ही था’ इसलिए सिर्फ़ एक सुपरहिट फिल्म नहीं है…यह उस प्रेम कहानी की गवाह भी है, जिसकी खुशियों का फैसला कभी बॉक्स ऑफिस ने किया था।