देवास के विकास का रोडमैप तैयार, खेती होगी हाईटेक: शिवराज सिंह चौहान
दिशा’ समिति की समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं की गहन समीक्षा, खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और ‘लखपति दीदी’ योजना के विस्तार के दिए निर्देशजिला ब्यूरो संवाददाता पवन परमार देवास।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिले के सर्वांगीण विकास, आधुनिक कृषि, सिंचाई, जल संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में देवास जिले को आधुनिक और तकनीकी आधारित कृषि का मॉडल बनाया जाएगा।
किसानों को नई तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक कृषि यंत्रों और जल संरक्षण उपायों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।बैठक में खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि
किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत नई सड़कों के निर्माण एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर भी बल दिया गया।
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए ‘लखपति दीदी’ योजना के विस्तार का निर्णय लिया गया, ताकि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसके अलावा देवास जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा 70 वर्ष से
अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में देवास विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार, खातेगांव विधायक आशीष शर्मा, बागली विधायक मुरली भंवरा, सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, भाजपा
जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव, कलेक्टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, डीएफओ अमित सिंह, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन सहित जिले के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जनहित के कार्यों में तेजी लाने और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।