रक्षाबंधन पर कौमी एकता की मिसाल_ हिंदू बहन कई वर्षों से बांध रही है मुस्लिम भाई को राखी
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
काछोला-रक्षाबंधन का त्योहार भारत में धर्म और जाति की सीमाओं से परे जाकर आपसी प्रेम, भाईचारे और कौमी एकता की अनूठी मिसाल पेश करता है।भीलवाड़ा जिले के काछोला कस्बे के निकट रतनपुरा गांव की हिंदू बहन जनक कंवर पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने मुस्लिम भाई अब्दुल सलाम रंगरेज को लगातार राखी बांधती आ रही हैं।
उनका यह सौहार्द और स्नेह आज के समाज के लिए एक बड़ी नजीर है। जो यह दर्शाता हैं कि राखी का एक धागा मजहब की तमाम दीवारों को मिटा देता है। अब्दुल सलाम रंगरेज ने बताया कि इस परिवार का हमारे पूर्वजों के साथ भी राखी का संबंध रहा है उसी का निर्वाह करते हुए जनक कंवर लगभग 20 वर्षों से राखी बांधती आ रही है।वह कहती हैं कि हर
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय मन में वही पुराना स्नेह और अपनापन रहता है। उनके लिए यह रिश्ता केवल भाई-बहन का नहीं, बल्कि वर्षों से कायम विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।जनक कंवर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। उनके पति शंकर सिंह कानावत शिक्षक है।
उनका कहना है कि समाज में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें मनभेद में नहीं बदलना चाहिए।उन्होंने कहा कि लोगों को बांटने के बजाय जोड़ने की जरूरत है. प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान से ही समाज में सौहार्द का वातावरण कायम रह सकता है।