श्रद्धा से जिसने की राम की भक्ति उसका जीवन सुधर गया-आचार्य रामदयालजी महाराज108 श्रीमद् भागवतजी मूल पाठ का आयोजन

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13 से 20 सितम्बर तकमाणिक्यनगर रामद्वारा धाम में दैनिक चातुर्मासिक सत्संग

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

भीलवाड़ा-जीवन में भक्ति करनी है तो केवल अपने राम की करें। हमारा काम सुधरे या बिगड़े पर राम के अलावा किसी अन्य की शरण में जाने की सोच भी नहीं रखनी है। राम के प्रति हमारी आस्था अडिग होनी चाहिए। जिसकी आस्था हर स्थिति में राम गुरू के प्रति बनी रहती है वह जीवन के हर संकट से उबर सकता है। जिसकी आस्था डगमगाती है उसकी जीवन नैया भी मझंधार में फंस जाती है।

ये विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्री रामदयाल जी महाराज ने ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत रविवार को दैनिक सत्संग में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राम किसी कथा का चरित्र मात्र नहीं होकर हमारा परमात्मा है जिसकी भक्ति हमारी आत्मा को भवसागर से पार लगा सकती है। राम की भक्ति जिसने भी की उसका जीवन सफल एवं सार्थक हो गया।

जिसने राम से मुख मोड़ा उससे दुनिया ने मुंह मोड़ लिया ओर जिस पर राम की कृपा हो गई उसकी जिंदगी निहाल हो गई। इसलिए कैसी भी परिस्थिति बने रामभक्ति में कमी नहीं आनी चाहिए। आचार्यश्री ने कहा कि भगवान सबका विवाह कराते है पर यहां सब मिलकर भगवान का विवाह कराते है।

एक तुलसी के साथ भगवान का कितनी बार विवाह कराना पड़ रहा है। भगवान के हजार विवाह कराने की बजाय आज जरूरत इस बात की है कि गरीब कन्याओं का विवाह हो ताकि इतने लोगों का घर बस सके। भगवान का विवाह कराना तो एक भावना है इसके निमित लक्ष्य होता है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं की शादी

आसानी से हो सके। आचार्य रामदयालजी महाराज ने कहा कि हमे भक्ति के साथ समाज में ऐसे कार्यो को प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे निर्धन ओर जरूरतमंद का भला होता है। निर्धन की सेवा भी भगवान की सेवा का ही रूप होता है। जो कमजोर व असहाय की सेवा के लिए तत्पर रहता है उस पर परमात्मा की कृपा सदा बनी रहती है।

आचार्य श्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस प्रवचन दिया। प्रवचन के विश्राम पर श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की गई।

सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रतिदिन रामधुनी के साथ सुबह 8.30 से 9 बजे तक वाणीजी का पाठ हो रहा है। सूर्यास्त के समय संध्या आरती एवं रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा संत रामजस ईडर द्वारा भक्तमाल की कथा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।108 श्रीमद्

भागवतजी मूल पाठ का आयोजन 13 से 20 सितम्बर तकस्वामी रामचरण जी महाराज की पावन भूमि पर उनकी कृपा से विश्व शांति चातुर्मास समिति द्वारा विश्व शांति एवं कल्याण की भावना से चातुर्मास के दौरान भीलवाड़ा में 13 से 20 सितम्बर तक

आचार्य रामदयाल जी महाराज के सानिध्य में 108 श्रीमद् भागवतजी मूल पाठ का भव्य एवं दिव्य आयोजन होगा। मूल पाठ करने के लिए 108 यजमान चुने जाएंगे। इस अवधि में प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 एवं दोपहर 2 से 4 बजे तक संत श्री मनोरथराम जी राम मचलाना द्वारा श्रीमद् भागवत

ज्ञान प्रवचन होंगे। इसी तरह सुबह 10.30 से 11.30 एवं शाम 4 से 5 बजे तक आचार्य रामदयाल महाराज के मुखारबिंद से पूज्य वाणीजी के भक्ति प्रवचन होंगे। जीवन को पावन करने वाले इस आयोजन के दौरान भक्ति,भक्त ओर भगवान की त्रिवेणी गंगा प्रवाहित होगी। आचार्य रामदयाल महाराज ने अधिकाधिक श्रद्धालुओं से भक्ति की इस त्रिवेणी में सहभागी बनने की अपील की है।

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