दिवेर विजय दिवस एवं हिंदी दिवस के उपलक्ष में भाषण एवं वाद विवाद प्रतियोगिता

IMG-20260915-WA0007

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा। श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय, शाहपुरा में दिवेर विजय दिवस एवं हिंदी दिवस के उपलक्ष में भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता- हिंदी भाषा का भविष्य उज्जवल या संकटमय निबंध प्रतियोगिता वर्तमान समय में हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और चुनौतियां एवं भाषण प्रतियोगिता –

विजय योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप का आयोजन किया गया कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. मूलचंद खंटीक ने बताया कि भाषा मानव जीवन में विचारों, भावनाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। हिंदी भाषा न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत की पहचान है, बल्कि यह जन-जन के बीच संवाद और संचार को सशक्त बनाने वाली भाषा भी है। हिंदी के माध्यम से हम

अपने विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हम सभी को निरंतर प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर पुष्कर राज मीणा प्राचार्य द्वारा की गई उन्होंने दिवेर विजय दिवस पर तथ्यात्मक एवं रोचक जानकारी छात्रों से साझा की, दिवेर युद्ध में महाराणा प्रताप एवं कुंवर अमर सिंह की गाथा का गुणगान किया एवं इसे मेवाड़ का मैराथन क्यों कहा जाता है

बताया वाद विवाद प्रतियोगिता में विजेता पक्ष डाली कुम्हार प्रथम हरिओम जोशी द्वितीय, विपक्ष आनंद बासिटा प्रथम एवं सीताराम रेगर द्वितीय रहा भाषण प्रतियोगिता में प्रथम सुनील शर्मा एवं द्वितीय

अभिराज रहा। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पार्वती बलाई द्वितीय निकिता चौहान तृतीय तृप्ति कोली रही, कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी दिग्विजय सिंह ने किया कार्यक्रम में सभी संकाय सदस्य उपस्थित थे।

About The Author