डॉक्टरों की घोर लापरवाही से 22 वर्षीय प्रसूता अंजलि बैरवा की मौत,
ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश; न्याय की मांग
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।मांडलगढ़:-भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की कथित घोर लापरवाही और सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के कारण 22 वर्षीय अंजलि बैरवा (पत्नी दुर्गेश बैरवा, निवासी – ग्राम पंचायत खाचरोल,
तहसील मांडलगढ़) की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।क्या है पूरा मामला?परिजनों के अनुसार, अंजलि को प्रसव (डिलेवरी) हेतु दिनांक 11 सितम्बर 2026 को सुबह करीब 10 बजे मांडलगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में समुचित ध्यान न देकर डॉक्टर शिवराज जाट ने परिजनों को मरीज को अपने निजी निवास पर लाने का आश्वासन दिया।
परिजनों के अनुसार डॉक्टर के आश्वासन पर जब मरीज को उनके घर ले जाया गया, तो वहां शाम तक प्रसव कराने की बात कही गई।इसके बाद दिनांक 12 सितम्बर 2026 की शाम करीब 8 बजे डिलीवरी हुई, लेकिन प्रसव के तुरंत बाद अंजलि को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लडिंग) शुरू हो गया। परिजनों का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने के बावजूद डॉक्टरों ने समय
रहते कोई ध्यान नहीं दिया। मरीज के जेठ रामदेव बैरवा द्वारा बार-बार गुहार लगाने और दबाव बनाने पर 12 सितम्बर की देर रात अंजलि को भीलवाड़ा के एमजी (MG) अस्पताल हेतु रेफर किया गया।एमजी अस्पताल भीलवाड़ा पहुंचने पर डॉक्टरों ने अत्यधिक खून बह जाने के कारण अंजलि की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई। डॉक्टरों के हर संभव प्रयास के बावजूद 13 सितम्बर 2026 को अंजलि ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।परिजनों और ग्रामीणों की मांग:22
वर्षीय नवविवाहिता की मौत से खाचरोल गांव और मांडलगढ़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी डॉक्टर शिवराज जाट सहित जिम्मेदार मेडिकल स्टाफ पर आपराधिक मामला दर्ज करने तथा उनके लाइसेंस रद्द करने की
मांग की है। भीम आर्मी जिला भीलवाड़ा sc,st महासभा भीलवाड़ा बैरवा महासभा संगठन व ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।