शाजापुर: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास, साथ देने वाले तीन अन्य आरोपियों को 20-20 साल की सजा

file_00000000d98881fb8cde5d42ab1b55d4

​मुख्य विवरण:​न्यायालय: विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट), जिला शाजापुर।​मुख्य आरोपी: गोविंद (पिता- शंकरलाल, उम्र- 28 वर्ष, निवासी- ग्राम झुटावद, जिला उज्जैन)। इसे पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास और कुल 27,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया

है। इसके अलावा अन्य धाराओं में 10 वर्ष और 7 वर्ष का कठोर कारावास भी सुनाया गया है।​सह-आरोपी (सजा): शोभा बाई (पति- शंकरलाल), राहुल (पिता- मांगूलाल चंद्रवंशी) और मांगू (पिता- सीताराम

चंद्रवंशी)—इन तीनों को विभिन्न धाराओं (धारा 142 बीएनएस और 16/17 पॉक्सो एक्ट) के तहत 20-20 साल का कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।​घटना का सार:​दिनांक 15.03.2025 को पीड़िता की माता ने थाना कोतवाली शाजापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 13 वर्षीय नाबालिग

बेटी घर पर नहीं है।​विवेचना के दौरान पता चला कि पीड़िता और आरोपी गोविंद गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में रह रहे हैं। पुलिस ने वहां दबिश देकर 20.08.2025 को पीड़िता और आरोपी को बरामद किया।​पीड़िता ने बताया कि आरोपी गोविंद उसके घर पर रहता था और उसने प्रेम प्रसंग व शादी का झांसा देकर उसे भगाया था। इस षड्यंत्र और अपराध में

अन्य आरोपियों (शोभा बाई, मांगू और राहुल) ने भी विभिन्न स्तरों पर सहयोग किया था।​अभियोजन पक्ष: प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी श्री रमेश सोलंकी (अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला शाजापुर) द्वारा की गई, तथा मीडिया संबंधी जानकारी श्री प्रतीक श्रीवास्तव (अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी / जिला मीडिया प्रभारी) द्वारा दी गई।

About The Author