पवन परमार जिला ब्यूरो चीफ संवाददाता जिला देवास सोनकच्छ।
ग्राम पीलवानी में स्कूली बच्चों को लेकर अभिभावकों ने नाराज़गी जताई और गांव में स्कूल बस को रुकवा कर डायल 112 की मदद से सोनकच्छ पुलिस थाने में बस को खडा करवा दिया गया। यह मामला सोनकच्छ तहसील के ग्राम पीलवानी का है जहां गांव के बच्चे सोनकच्छ के समीप ग्राम पंचायत सांवेर के सेंट चाणक्य एकेडमी स्कूल में पढ़ने स्कूल बस से आते है।
ग्राम पीलवानी निवासी जसपाल सेंधव पिता सूरज सिंह सेंधव ने अपने बच्चे की स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर लाने-ले जाने की शिकायत का आवेदन थाना प्रभारी आशीष सिंह राजपूत व एसडीएम प्रिया चंद्रावत और बीआरसी कार्यालय सोनकच्छ को दिया है।
उन्होंने बताया कि उनके पुत्र समेत अन्य बच्चों को बस क्रमांक MP41P1437 में ठूंस-ठूंसकर बैठाया जाता है, जिससे बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। जब इस बारे में स्कूल संचालक से बात की गई
तो उन्होंने न केवल शिकायत को अनसुना किया, बल्कि अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि आपको जहां शिकायत करनी है कर लो, हम ऐसे ही बच्चों को लाते रहेंगे। अभिभावकों ने प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बस में ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है,
और स्कूल प्रबंधन व वाहन संचालकों को इस मामले में जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है,
ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।अब देखना यह है कि इस विषय में बसों के अंदर बच्चों को भेड़ बकरी की तरह ले जा रहे स्कूलो पर शासन प्रशासन की क्या कार्रवाई होती है या फिर यूं ही बड़े-बड़े स्कूल के डायरेक्टर व प्रिंसिपल अपनी मनमानी से बिना मेंटेनेंस की बसें चलाते रहेंगे।
























