मध्यप्रदेश

ब्रह्माकुमारीज में साधनों से मुक्त साधना स्वरूप योग तपस्या भट्टी संपन्न

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्ववि‌द्यालय परमात्म  अनुभूति भवन शनि मंदिर कॉलोनी पचोर में दो दिवसीय “साधनों से मुक्त साधना स्वरूप योग तपस्या भट्टी “आयोजित की गयी ।

जिसमें मुख्य रूप से माउंट आबू राजस्थान से पधारे पीस ऑफ माइंड चैनल के फेमस शो सुहाना सफर के एंकर राजयोगी भ्राता रोहित भाई जी द्वारा गहन योग साधना कराई गई ।भट्टी के प्रथम दिन माताओं की भट्टी व आज दूसरे दिन ब्रह्माकुमारीज से जुड़े जिलेभर के 10 सेवाकेंद्रो के लगभग 200 भाईयों ने लाभ लिया। जिसका उ‌द्घाटन  

लोकसभा सांसद रोडमल नागर, माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार रोहित भाई जी, ब्रह्माकुमारीज की जिला प्रभारी बीके मधु दीदी, ब्यावरा सेवाकेंद्र संचालिका बीके लक्ष्मी दीदी, पचोर सेवाकेंद्र संचालिका बीके वैशाली दीदी बीके सुरेखा दीदी,समाजसेवी प्रतापसिंह सिसोदिया एवं बिजली विभाग के सुपरवाइजर रामेश्वर दांगी ने दीप प्रज्वलन कर किया।

वर्तमान समय साधनों की अति निर्भरता से मनुष्य की आंतरिक शक्तियां जैसे सहनशक्ति ,एकाग्रता की शक्ति सहयोग शक्ति का हृास होता जा रहा है  योग साधना के द्वारा साधनों के साथ साधना का बैलेंस रखना आंतरिक शक्तियों को बढ़ाकर स्व परिवर्तन से स्वर्णिम संसार का पुनर्निर्माण कर सके इस उद्देश्य से इस साधना  शिविर का आयोजन किया गया।

जिसमें रोहित भाई जी द्वारा देह भान से ऊपर उठ आत्मिक स्मृति पक्की कर साधना और साधनों में बैलेंस ,कर्म और योग में बैलेंस रखने की विभिन्न विधियां बताई गई।आध्यात्मिक गेम्स द्वारा सभी का उमंग उत्साह बढ़ाया गया।इस अवसर लोकसभा सांसद रोडमल नागर ने कहा कि इस भौतिक युग में लोगों की मान्यता है

कि अर्थ ही प्रधान है लेकिन हमें अपने  मन के विचारों को प्रधानता देनी है। वर्तमान इस अवसर लोकसभा सांसद रोडमल नागर ने कहा कि इस भौतिक युग में लोगों की मान्यता है कि अर्थ ही प्रधान है लेकिन हमें अपने मन के विचारों को प्रधानता देनी है। वर्तमान युग मे भारत बहुत विकास की ओर बढ़ रहा है,

और विकास होना भी चाहिए। लेकिन हमारी धरोहर,संस्कृति और प्रकृति को ध्यान रखते हुए विकास करना है। इस साधना भट्टी का ब्रह्माकुमारीज से जुड़े जिले भर के लगभग सात सो भाई बहनों ने लाभ लिया व सभी ने हमेशा सकारात्मक साधनों की अति से मुक्त रह साधना बढ़ाने की प्रतिज्ञा की ।दोनों दिन प्रातः 9 से शाम 6 तक साधना शिविर चला अंत में सभी को ईश्वरीय वरदान प्राप्त हुए ।

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