76 वा संविधान दिवस मनाया
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक। काछोला-भीम आर्मी जिला उपाध्यक्ष दुर्गा लाल बैरवा ‘आज़ाद’ ने कहा की आजाद भारत में हमारे को आजादी का दिन संविधान से मिला है संविधान और शिक्षा के प्रति जागरूकता 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस के अवसर पर मैं पढ़े-लिखे लोगों से विशेष अपील करता हूँ कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाएं, उन्हें संविधान में मिले मौलिक अधिकारों को जानने योग्य बनाएं, और समाज में शिक्षा के प्रति एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।
अन्याय, अत्याचार और तानाशाही के विरुद्धआज भी दबे-कुचले समाज पर अन्याय, अत्याचार और राजनीतिक तानाशाही का रवैया अपनाया जाता है।
हमने नेता तो बहुत बनाए, लेकिन जब बात हक और अधिकार की आती है, तो कोई वार्ड पंच, सरपंच, प्रधान, विधायक, मंत्री या सांसद आगे नहीं आता। किसान आए दिन आत्महत्या कर रहे हैं।
आम जनता दर-दर की ठोकरें खाकर जीवन यापन कर रही है।मजदूर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत का सही हिस्सा नहीं मिल रहा है।यह भावना सर्व समाज को जानना अत्यंत आवश्यक है: आपको संविधान पढ़ना चाहिए।
मानवता को जीवित रखें और विकसित राष्ट्र का निर्माण करेंअगर आप सभी मानवता को जीवित रखना चाहते हैं, तो संविधान दिवस समारोह के आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
मैं अपने हक व अधिकारों की माँग करें।जब हम अपने संवैधानिक अधिकारों को जानेंगे, तभी हम अपनी सरकार से उन्हें मांग सकेंगे।
तभी हम एक विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकेंगे। इस कार्य कर्म में। मुकेश कुमार, पप्पू कुमार, कैलाश चंद्र रैगर, ब्रजराज, चांदमल रैगर, श्री राम, भगवान रैगर, देवा लाल बैरवा आदि कही अंबेडकरवादी महिलाओं व नव युवको ने ली संविधान की शपथ।
























