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आगर-मालवा जिले में तेजी से जारी है औद्योगिक विकास, राज्य शासन के दो वर्ष पूर्ण होने पर प्रभारी मंत्री श्री चौहान ने ली पत्रकारवार्ता

अंधेर नगरी आगर-मालवा, 13 दिसम्बर/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन के सफलतम दो वर्ष पूर्ण हुए है। सम्पूर्ण प्रदेश के साथ-साथ आगर-मालवा जिले में भी विकास चहुँओर परिलक्षित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के औद्योगिक विकास के विजन पर आगर-मालवा जिला भी खरा उतर रहा है। जिलें में औद्योगिक विकास…

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अंधेर नगरी आगर-मालवा, 13 दिसम्बर/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन के सफलतम दो वर्ष पूर्ण हुए है। सम्पूर्ण प्रदेश के साथ-साथ आगर-मालवा जिले में भी विकास चहुँओर परिलक्षित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के औद्योगिक विकास के विजन पर आगर-मालवा जिला भी खरा उतर रहा है। जिलें में औद्योगिक विकास दू्रत गति से किया जा रहा है।

कई नये प्रोजेक्ट आ रहे है। जिले में बढ़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की राह प्रशस्त हो गई है। यह बात आगर-मालवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कही। प्रभारी मंत्री प्रदेश शासन के दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित पत्रकारवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई चौहान, विधायक श्री मधु गेहलोत, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री ओम मालवीय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री निलेश जैन पटेल, श्री मयंक राजपूत तथा बड़ी संख्या में पत्रकारबन्धु उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री श्री चौहान ने पत्रकारवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई उँचाईयों को स्पर्श कर रहा है। औद्योगिक विकास से लेकर सिंचाई के रकबे में वृद्धि तथा कई महत्वपूर्ण विकास कार्य संपादित किये जा रहे है, जिनका लाभ आम आदमी को मिल रहा है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विगत दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश में पीएम मित्र पार्क का शुभारम्भ किया है।

जिससे करीब 30 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। गरीब कल्याण के क्षेत्र में देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ मिल रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के 1.50 करोड़ से अधिक व्यक्ति शामिल है। महिलाओं के लिये विभिन्न क्षेत्रों में आरक्षण की पर्याप्त व्यवस्था शासन द्वारा की गई है। सिंचाई के रकबे में वृद्धि के लगातार प्रयास किये जा रहे है। केन-बेतवा नदी जोड़ा परियोजना की आधारशिला रखी जा चुकी है। जिससे प्रदेश की 100 करोड़ हेक्टेयर भूमि में अतिरिक्त रूप से सिंचाई की क्षमता निर्मित होगी।

प्रभारी मंत्री ने उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि उक्त सड़क निर्माण का सर्वाधिक लाभ आगर-मालवा जिले को मिलेगा। यहां के लोगों को रोजगार के अलावा धार्मिक शहर के रूप में भी पहचान मिलेगी। प्रभारी मंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा आगर-मालवा जिले के किसानों को 140 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि फसल नुकसानी के रूप में दी गई है। भावांतर योजना का लाभ भी जिले के किसानों को मिल रहा है। इस दौरान पत्रकारों की जिज्ञासाओं का समाधान भी प्रभारी मंत्री द्वारा किया गया।

प्रभारी मंत्री ने आगर-मालवा जिले में दो वर्ष के विकास कार्यां की जानकारी में बताया कि जिले में दो चरणों में 142.68 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। जिस पर लगभग 66.00 करोड़ की लागत से विकास कार्य किये जा रहे है। जिले में मैक्केन फुडस प्रा.लि. द्वारा 3800.00 करोड़, एमिटेक्स एग्रो प्रा.लि. द्वारा 200.00 करोड़ तथा ए.आर.एफ.एफ. फुड प्रा.लि. द्वारा करीब 150.00 करोड़ का निवेश जिले में किया जा रहा है।

जिले में 02 एथनॉल उत्पादन इकाई स्थापित की जाकर करीब 385.00 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। जिले में प्राकृतिक खेती उत्पादक कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदाय करने हेतु जैविक हाट बाजार पुरानी कृषि उपज मंडी में प्रारम्भ किया गया है। जिसमें अभी तक 382500 रु के उत्पाद का विक्रय किया चुका है।

चीया प्राकृतिक खेती मिशन एवं परम्परागत कृषि विकास योजना जिले में 5980 कृषकों द्वारा 3150 हेक्टेयर में परम्परागत एवं प्राकृतिक खेती की पद्धति से की जा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु 50 कृषि सखी मोबाईल एवं प्रति माह मानदेय के रूप में 4.50 लाख प्रदाय किये गये है। 2024 में खरीफ फसल का कुल रकबा 176490 हेक्टेयर और वर्ष 2025 में 189893 हेक्टेयर रहा है, जो कि 3403 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। रबी वर्ष 2024 में कुल फसल रकबा 171563 हेक्टेयर तथा वर्ष 2025 में 183701 हेक्टेयर फसल रकबा रहा है, जिसमें 12138 हेक्टेयर वृद्धि की गई हैं।

जिले में खरीफ 2024 में सोयाबीन फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रूपये प्रति क्विंटल के मान से 7883 कृषकों से 166182 क्विंटल खरीदी की गई, जिसकी राशि रूपये 81.30 करोड़ का भुगतान किया गया। रबी 2025-26 में चना, मूसर, सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य 2170 कृषकों से 32695 क्विंटल राशि रूपये 2151.34 लाख रूपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई हैं।

खरीफ 2025 में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना अन्तर्गत 34246 कृषकों से 517471 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की जा चुकी हैं, 13689 कृषकों को योजना अन्तर्गत 20.05 करोड़ रूपये का भावांतर भुगतान किया जा चुका हैं।

स्वाईय हेल्थ एन्ड फर्टीलिटी योजना अन्तर्गत वर्ष 2024 में 15825 किसानों एवं वर्ष 2025 में 14472 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किये गये हैं। जिले में नवीन फसल अंगीकरण हेतु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत स्पेशल परियोजना अन्तर्गत लगवाई गई हैं।

चिया सीड्स, चन्द्रसूर, किनोवा एवं कुसुम फसल 2945 कृषकों को 2945 एकड़ में फसल प्रदर्शन आयोजित किये गये है, जिससे कृषकों की आय में 880.55 लाख रूपये की वृद्धि होगी।दलहन फसल जैसे चना, मसूर, उड़द, मूंग अरहर वर्ष 2024 में 38620 हेक्टयर था जो कि वर्ष 2025 में बढ़कर 42880 हेक्टयर हो गया हैं।उद्यानिकी विकास के अन्तर्गत जिले में पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में 41 इ्रकाईयां स्थापित की गई।

पर ड्र्रॅाप मोर क्रॉप योजनान्तर्गत 157 इकाईयों में 30 लाख रुपए से अधिक का खर्च किया गया है। जिले में गौवंश संवर्धन के अन्तर्गत 139 शासकीय/अशासकीय गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश पर प्रतिदिन 40 रुपए के मान से भरण पोषण पर कुल 30 करोड़ से भी अधिक राशि शासन द्वारा वहन की गई है। इसी प्रकार गौ-अभ्यारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र सालरिया में गौवंश संरक्षण के लिये 71 रुपए प्रतिदिन के मान से 6500 से अधिक गौवंश पर वर्ष में कुल 12.50 करोड़ रुपए राशि वहन की जा रही है।

इस प्रकार जिले में 27228 गौवंश संरक्षित है जिन पर 43 करोड़ रुपए के लगभग राशि वर्ष में वहन की जा रही है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि विद्युत वितरण के अन्तर्गत जिले में समाधान योजना के तहत् 6500 उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान किया गया है। वितरण ट्र्रांसफार्मरों की संख्या में भी अपेक्षित वृद्धि की जाकर 10905 ट्र्रांसफार्मर चालू वर्ष में स्थापित किये गए है। जल संसाधन विभाग की जानकारी में बताया कि जिले में वर्ष-2023-24 में निर्मित 53 योजनाओं से कुल 27943 हैक्टर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई,

वहीं वर्ष 2024-25 में निर्मित 54 योजनाओं से कुल 28380 हैक्टर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई। प्रधानमंत्री आवास योजना(गा्रमीण))अन्तर्गत 18960 आवासहीनों को नवीन पक्के आवास उपलब्ध करवाएं गए। प्रभारी मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्यविभाग, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, कौशल विकास आदि विभागों के उल्लेखनीय कार्यां की जानकारी भी पत्रकारवार्ता में दी गई।

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