।दतिया। महापुरुषों की प्रतिमाएँ केवल पाषाण या धातु की आकृतियाँ नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, आस्था, सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों की जीवंत प्रतीक होती हैं। इनकी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को दतिया जिला प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देश पर जिले में महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थापित महापुरुष की प्रतिमा के सामने सीसीटीवी कैमरा स्थापित नहीं किया गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर बनी हुई थी।
यह स्थिति पूर्व में दिए गए प्रशासनिक निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना मानी गई।लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई, प्रशासन ने इस प्रकरण को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए त्वरित और कठोर कदम उठाए हैं। ग्राम सचिव सचिन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संबंधित सरपंच को पद से हटाने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का मानना है कि जनप्रतिनिधि एवं शासकीय कर्मचारी, दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक संपत्तियों और सामाजिक महत्व के स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर का स्पष्ट संदेश, कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि”महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। पूर्व में जारी निर्देशों का पालन न करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिमाओं से छेड़छाड़ अथवा सुरक्षा में चूक सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रशासन पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ इस विषय पर कार्य कर रहा है, जिले भर में सख्त निर्देश जारी,इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सभी ग्राम सचिवों, सरपंचों एवं स्थानीय निकायों को पुनः सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित सभी महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास निम्न व्यवस्थाएँ अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, प्रतिमा के सामने की दिशा में सीसीटीवी कैमरे सही एंगल में स्थापित हों। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
प्रतिमाओं का नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी की जाए। सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता समय-समय पर जांची जाए। प्रशासन का आमजन को आश्वासन, जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि महापुरुषों के सम्मान, सामाजिक सद्भाव और सार्वजनिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी संभावित खतरे को रोकने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई न केवल संबंधित प्रकरण में उत्तरदायित्व तय करती है, बल्कि जिले भर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए स्पष्ट चेतावनी और संदेश भी है कि महापुरुषों के सम्मान की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

























