।दतिया। जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों के बेहतर प्रबंधन, सुव्यवस्थित संचालन एवं विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े द्वारा दिनांक 16 दिसम्बर 2025 को बसई स्थित “अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास, बसई” का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने छात्रावास की साफ-सफाई, आवासीय व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा एवं समग्र प्रबंधन का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण में छात्रावास की व्यवस्थाएँ संतोषजनक एवं अनुकरणीय पाई गईं। विद्यार्थियों के रहने, पढ़ने एवं दैनिक आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था देखकर, कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की। कलेक्टर वानखड़े ने कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। यहाँ का वातावरण स्वच्छ, सुरक्षित एवं अनुशासित होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ जीवन मूल्यों को भी आत्मसात कर सकें।
उन्होंने कहा कि बसई छात्रावास की व्यवस्थाएँ अन्य छात्रावासों के लिए मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जा सकती है। छात्रावास के बेहतर संचालन एवं उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए कलेक्टर वानखड़े द्वारा अधीक्षक अनमोल पटेरिया को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने अधीक्षक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली, जिम्मेदारी एवं सतत निगरानी के कारण छात्रावास में अनुशासन और सुव्यवस्था बनी हुई है।
उन्होंने अधीक्षक को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाएँ बनाए रखें, विद्यार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनें एवं शासन की मंशा के अनुरूप छात्रावास को और अधिक सुदृढ़ बनाएं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य छात्रावासों में भी इसी प्रकार की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। निरीक्षण एवं सम्मान समारोह के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने एवं प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाने वाली रही।








