राष्ट्रवाद के भाव से ओतप्रोत भारत की युवा शक्ति पुंज को सकारात्मक दिशा देने हेतु युवा विमर्श कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज दतिया के सभागार में किया गया। माँ भारती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती की बंदना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित उमाशंकर पचौरी सूचना आयुक्त ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत का युवा अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।अन्य देशों की तुलना में हमारे देश का युवा भारतीय मूल्यों का चिंतन करने वाला सकारात्मक सोच, विश्व बंधुत्व की भावना, मानवीय मूल्यों एवं संस्कारों से परिपूर्ण है।
भारत की युवा शक्ति अपार ऊर्जा उत्साह और असीम संभावनाओं से पूरित है संवाद सत्र में युवाओं की जिज्ञासा का समाधन करते हुए उन्होंने कहा कि बाद विवाद गड़बड़ पैदा करता है लेकिन संवाद सभी को ठीक करता है इसलिए संवाद का क्रम निरंतर चलते रहना चाहिए देश में विध्वंसकारी शक्तियाँ नये नकारात्मक नैरेटिव गढ़ती है, उन्होने उपस्थित युवा शक्ति से आव्हान किया कि हमें इन नकारात्मकता से दूर रह कर सकारात्मक विचारों की ओर बढ़ना चाहिए। आज के समय में सोशल मीडिया के कारण हमारा अध्ययन का स्वभाव कम हुआ है प्रत्येक युवाओं को अध्ययनशील होना चाहिए।
युवाओं को हमारे वेद, उपनिषद, पुराणों एवं महापुरूषों के जीवन साहित्य के अध्ययन का क्रम निरंतर बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकत्व में ही विविध रूपों का प्रगटन हैं। युवा विमर्श मे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित यशवंत इंदापुकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश का युवा भारत को अपनी मातृभूमि मानता है युवाओं में अपनी मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करने का साहस और समर्पण है।
युवाओं की भुजाओं में अपनी भारत भूमि के उत्थान का सामर्थ्य निहित है । युवाओं की चेतना और दृढ़ इच्छा शक्ति राष्ट्रवाद के भाव से ओतप्रोत है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति विश्व की सबसे बड़ी शक्ति है, इसलिए षड्यंत्रपूर्वक युवाओं को नशे की ओर धकेलने का काम राष्ट्र विरोधी शक्तियां कर रही है, उन्होने कहा की हमारी युवा पीढ़ी को इससे सतर्क रहकर विरोध करने की आवश्यकता है।
आज राष्ट्र विरोधी शक्तियां हिडमा जैसी नक्सली ताक़तों जिसके कारण अनेको घर परिवार बर्बाद हो गये उसको क्रांतिकारी बताकर महिमा मंडित करने का प्रयास करते है। इससे युवाओं को सतर्क रहकर प्रतिरोध करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा पलायन एक बड़ी चुनौती है विदेश में अपने कौशल का प्रदर्शन करने के स्थान पर हमारे युवाओं को अपने देश में ही रहकर मातृभूमि की सेवा एवं विकास में योगदान देना चाहिए कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. भारतेंदु सिंह ने बताया कि युवा विमर्श का उद्देशय प्रबुद्ध युवाओं को एक सकारात्मक मंच प्रदान करना है।
इस विमर्श के माध्यम से विविध क्षेत्रों में प्रतिभाशाली युवाओं को एक साथ एक मंच पर लाकर उनके अनुभवों को साझा करना है। विमर्श समूह से जुड़े हुए युवा सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर अपनी हिस्सेदारी का निर्वहन कर रहे है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि युवा समूह की शक्ति हमें राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर होने के लिए आश्वस्त करती है। इस युवा विमर्श मे मुरैना विभाग के भिंड, दतिया, लहार एवं मुरैना ज़िले सहित एक सैकड़ा से अधिक युवा शक्ति उपस्थित रही।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे राष्ट्र भक्ति और जोश से ओतप्रोत रचनाओं पर काव्य पाठ पाठ युवा कवि धरम सिंह धर्म एवं रूप सिंह द्वारा किया गया महिला सशक्तिकरण पर प्रभावी नाट्य प्रस्तुति हंसवाहिनी विद्या निकेतन की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई है।
कार्यक्रम में भी उपस्थित युवाओं द्वारा परिसर में लगायी गई संघ की विकास यात्रा एवं पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, स्व का बोध, पर्यावरण कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य एवं शिष्टाचार से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।
विभाग महाविद्यालयीन विद्यार्थी प्रमुख पीयूष ने आभार व्यक्त किया कार्यक्रम का समापन वंदेमातरम् गान के साथ किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन दीपल सिंह द्वारा किया गया।

























