दतिया। जिला चिकित्सालय, दतिया परिसर के बाहर लंबे समय से बनी अव्यवस्थित एवं अवैध पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु जिला प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं।
दिनांक 23 जनवरी 2026 को आयोजित रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जिला चिकित्सालय के बाहर सड़क पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, ताकि मरीजों एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देशों के पालन में जिला चिकित्सालय, दतिया द्वारा अब चिकित्सालय परिसर के बाहर दो सुरक्षा गार्डों की नियमित तैनाती की गई है। इन सुरक्षा गार्डों का मुख्य दायित्व सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाना, अनावश्यक पार्किंग पर रोक लगाना तथा अस्पताल के मुख्य प्रवेश एवं निकास मार्गों को हर समय सुगम बनाए रखना होगा। इससे अस्पताल क्षेत्र में यातायात बाधित होने की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
सिविल सर्जन डॉ. के. सी. राठौर ने बताया कि जिलाचिकित्सालय के बाहर सड़क पर वाहन खड़े किए जाने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी, जिससे मरीजों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगियों को काफी परेशानी होती थी।
कई बार एम्बुलेंस वाहनों को भी अस्पताल तक पहुँचने में अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता था, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकता है।
डॉ. राठौर ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक अपने वाहनों को चिकित्सालय परिसर में उपलब्ध निर्धारित पार्किंग स्थल में ही पार्क करें और सड़क पर किसी भी स्थिति में अवैध पार्किंग न करें। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की सुविधा, रोगियों की सुरक्षा तथा आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
जिला प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा गार्डों की तैनाती से अस्पताल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, जाम की समस्या से राहत मिलेगी तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

























