किसानों को मिलेगी सुगम सुविधा
दतिया। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन को सुचारू, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से आज शुक्रवार को कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में कलेक्टर कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले में प्रस्तावित गेहूँ उपार्जन केन्द्रों के निर्धारण, पंजीयन प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था तथा पूर्व वर्षों की समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत में कलेक्टर वानखड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एमएसपी में की गई यह वृद्धि किसानों के लिए लाभकारी है और जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक किसान को इसका पूरा लाभ समय पर एवं बिना किसी परेशानी के प्राप्त हो।कलेक्टर वानखड़े ने स्पष्ट किया कि जिले में गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया 7 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सहकारी समितियों को पंजीयन केन्द्र के रूप में चिन्हित किया जाए, ताकि किसानों को दूर नहीं जाना पड़े और वे अपने नजदीकी केन्द्र पर आसानी से पंजीयन करवा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि पंजीयन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसान के अनुकूल होनी चाहिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि गेहूँ खरीदी की व्यवस्था जिले के वेयर हाउसों में सुनिश्चित की जाए। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नजदीकी वेयर हाउस में स्थापित उपार्जन केन्द्र पर सुविधा मिलेगी और अनावश्यक परिवहन खर्च एवं समय की बचत होगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं,तौल कांटे, बारदाना, बिजली, पानी, छाया एवं बैठने की व्यवस्था,समय रहते पूरी कर ली जाएं।कलेक्टर वानखड़े ने सख्त लहजे में कहा कि जिन ऑपरेटरों के विरुद्ध पूर्व में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनसे किसी भी स्थिति में उपार्जन केन्द्रों पर कार्य न करवाया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूँ उपार्जन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अनियमितता या किसानों के साथ अन्याय पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और उपार्जन से संबंधित सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें ।
इस अवसर पर जिला आपूर्ति अधिकारी सनद शुक्ला, उपसंचालक कृषि राजीव वशिष्ट, जिला प्रबंधक वेयरहाउसिंग, प्रबंधक केन्द्रीय सहकारी बैंक, सहायक आयुक्त सहकारिता सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी और कलेक्टर के निर्देशों के पालन का आश्वासन दिया।

























