15 से 25 अप्रैल तक चलेगा प्रशिक्षण अभियान।
दतिया। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े द्वारा जनगणना कार्य निदेशालय, मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में आगामी जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
इसी क्रम में 15 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक चार्ज स्तर पर आयोजित होने वाले प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की सतत समीक्षा एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्य की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि प्रशिक्षण प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रहे और जनगणना कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न हो सके
इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां, दतिया नगरीय क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र एवं नगर पालिका परिषद दतिया के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षय कुमार तेम्रवाल एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दतिया संतोष तिवारी को दायित्व सौंपा गया है।
तहसील बड़ौनी एवं नगर पंचायत बड़ौनी के लिए अपर कलेक्टर महेन्द्र सिंह कवचे तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दतिया संतोष तिवारी को जिम्मेदारी दी गई है।
तहसील एवं नगर पंचायत भाण्डेर के लिए संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल एवं अनुविभागीय अधिकारी भाण्डेर सोनाली राजपूत को नियुक्त किया गया है। तहसील एवं नगर पंचायत इन्दरगढ़ के लिए संयुक्त कलेक्टर लोकेन्द्र सिंह सरल को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सेवढ़ा क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी अशोक अवस्थी को महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है।
इसके अतिरिक्त तहसील एवं नगर पंचायत सेवढ़ा के लिए डिप्टी कलेक्टर बृजेन्द्र यादव एवं अनुविभागीय अधिकारी सेवढ़ा अशोक अवस्थी को प्रशिक्षण की निगरानी एवं संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस, कलेक्टर वानखड़े ने निर्देश दिए हैं कि सभी नियुक्त अधिकारी प्रशिक्षण स्थलों का नियमित निरीक्षण करें, उपस्थित प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं एवं फील्ड वर्क के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए।
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं एवं नीतियां तैयार की जाती हैं।
अतः इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समन्वय एवं मॉनिटरिंग पर जोर, जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक सुधार भी सुनिश्चित करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रत्येक स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस पहल से जिले में जनगणना कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।




