गांव की बेटी बनी अफसर दुरसड़ा की साधना दांगी का डिफेंस में ऑडिटर पद पर चयन, कलेक्टर ने किया सम्मानित।
दतिया। भांडेर विधानसभा क्षेत्र के छोटे से ग्राम दुरसड़ा ने उस समय गर्व का ऐतिहासिक पल देखा, जब एक साधारण किसान परिवार की बेटी साधना दांगी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर डिफेंस विभाग में ऑडिटर के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया।
साधना की इस उपलब्धि से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है और उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। साधना दांगी के पिता कमलेश दांगी, जो एक साधारण किसान हैं, ने भावुक होते हुए बताया कि यह उनके परिवार के लिए बेहद गर्व और खुशी का क्षण है।
उन्होंने कहा, “हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारी बेटी इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करेगी। आज जो सम्मान उसे मिला है, वह हमारे पूरे परिवार के लिए गौरव की बात है।” परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी साधना की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और इसे गांव की बेटियों के लिए प्रेरणा मान रहे हैं।
इस विशेष उपलब्धि के लिए दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने साधना दांगी को सम्मानित किया। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, जरूरत है तो सिर्फ सही मार्ग दर्शन और अवसर की।
उन्होंने साधना की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। साधना की सफलता में नवोदय विद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
स्वयं कलेक्टर वानखड़े भी नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्र रह चुके हैं, जिससे इस सम्मान का महत्व और भी बढ़ जाता है। साधना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से प्राप्त की, जहां उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण और मार्गदर्शन मिला, जिसने उनके भविष्य को नई दिशा दी।
गांव दुरसड़ा में आज हर कोई साधना की सफलता की चर्चा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि साधना ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। साधना दांगी की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।
उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला।




