शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा देकर जिला बहाल करने की मांग का आंदोलन एक वर्ष छह माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है।
जिला बहाल करो संघर्ष समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि ब्लैक डे 28 जून को रविवार का अवकाश होने से 29 जून को उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर संघर्ष समिति सदस्यों अधिवक्ताओं एवं आमजन ने शांतिपूर्ण शाहपुरा जिला बहाल करो के नारे लगाकर नारेबाजी प्रदर्शन करते हुये शाहपुरा जिले की बहाली की मांग का 13 वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति सयोंजक रामप्रसाद जाट के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया गया
और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया। विगत 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिले का दर्जा समाप्त होने के बाद से ही शाहपुरा की जनता प्रतिमाह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाती है।
संघर्ष समिति सयोजक रामप्रसाद जाट कहा कि एक वर्ष एक माह पूर्व में जिला संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था। परन्तु सरकार ने तेरह महिने बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है।
सह सयोजक सूर्यप्रकाश ओझा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को वापस जिले दर्जा नहीं मिल जाता आंदोलन अनवरत जारी रहेगा जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को प्रभावी बनाया जाएगा। महासचिव कमलेश मुण्डेतिया ने कहा कि शाहपुरा जिले के दर्जे के समूर्ण मापदंड पूर्ण करता है शाहपुरा के रियासत कालीन इतिहास को ध्यान में रखते हुए जनभावनाओं के अनुरूप शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा प्रदान करें।
इस मौके पर जिला बहाल करो संघर्ष समिति संरक्षक सत्यनारायण पाठक, हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, राजेन्द्र पाण्डे, प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मेहता, उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल सोलंकी, सुरेश घूसर कोषाध्यक्ष, उदय लाल बेरवा सह कोषाध्यक्ष, प्रवीण पारीक सहसचिव, नूर मोहम्मद रंगरेज उर्फ छोटू संघर्ष समिति सदस्य, रामेश्वर लाल धाकड़, रमेश सेन,रमेशचंद्र मालू, मदनलाल कंडारा, सुनील मिश्रा, थानमल जीनगर, विनोद सोनी, नजीर मोहम्मद, रामस्वरूप खटीक,
रामस्वरूप टेपन,ओमप्रकाश सिन्धी, अभय गुर्जर वरिष्ठ अधिवक्ता, त्रिलोकचंद नौलखा अधिवक्ता, नमन ओझा, गजेन्द्र प्रताप सिंह राणावत, अंकित शर्मा, वीरेंद्र पत्रिया, नाहरसिंह बंजारा, गणपत बंजारा सहित कई सदस्य एव शाहपुरा के आमजन मौजूद रहे।















