जीरापुर से पवन कुमार जाटव की रिपोर्ट
जीरापुर क्षेत्र के ग्राम झाड़मऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन निकाला गया। यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित न रहकर समाज के लिए संगठन शक्ति बन गया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी।
डॉ. हेडगेवार ने उस समय समाज में व्याप्त विभाजन, दुर्बलता और कुरीतियों को दूर कर राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। संघ का ध्येय व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है। संघ समाज को पाँच बिंदुओं पर सजग और सक्रिय बनाने का संकल्प लेकर चल रहा है।
सामाजिक समरसता जाति वर्ग और भेदभाव से मुक्त समाज,कुटुंब प्रबोधन संस्कार युक्त संगठित एवं सुदृढ़ परिवार, पर्यावरण संरक्षण प्रकृति का संवर्द्धन और संतुलन स्वदेशी जागरण स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा,नागरिक कर्तव्य पालन जिम्मेदार और सजग नागरिक का निर्माण,अनुशासन और समरसता का परिचायक पथ संचलन, पथ संचलन में ग्रामीणजन व आसपास के सैकड़ों स्वयं सेवक शामिल हुए।
गणवेश धारण कर कदमताल करते हुए स्वयंसेवक अनुशासन और संगठन का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। पथ संचलन मार्ग पर जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर और स्वागत द्वार बनाकर कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष से नगर की गलियां गूंज उठीं।
संचलन के दौरान छोटे-बड़े, युवा और वयोवृद्ध स्वयं सेवक एक ही धारा में चलते दिखाई दिए जिससे समाज में समरसता और एकता का अद्भुत संदेश गया। पथ संचलन को देखने के लिए लोग घरों की छतों और मार्गों पर खड़े होकर स्वागत करते दिखाई दिए। नगर के नागरिकों ने कहा कि ऐसे आयोजन से समाज में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।

























