आरएसएस के अ.भा. बौद्धिक प्रमुख सहित साध्वी प्राची ने दिया प्रभावी उदबोधन।
आयोजन के समर्थन में नगर पूर्णतः बंद रहा।
अंधेर नगरी, वैव पोर्टल पचोर
हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब पिछले पंद्रह दिन से जिस आशा और विश्वास के साथ तैयारी चल रही थी उसके फलस्वरूप आयोजको की आशा से कहीं अधिक सारगर्भित रूप से हिंदू सम्मेलन गुरुवार को सकारात्मक और उद्देश्य पूर्ण रूप से संपन्न हुआ।
नगर के नन्हे मुन्ने बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिला पुरुषों किसान मजदूर छात्र नौकरी पेशा व्यापारी यानि कि समाज के सभी वर्ग ने एकरूपता से सम्मेलन में भाग लिया।
युवाओं और युवतियों के सिर पर बंधे हुए भगवा साफे एक अलग ही छटा बिखेर रहे थे तो कई पुरुष पारंपरिक कुर्ता धोती भगवा जैकेट में नजर आए।
हिंदू सम्मेलन में नगर से आए लोगों के स्वागत के लिए पूरे बाजार में लोगों द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्वागत द्वार बैनर पोस्टर लगाए गए थे। ठीक 12:20 पर उद्बोधन के लिए मंच पर आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख दीपक जी विसपुते एवं धर्म जागरण मंडल से पधारी डॉक्टर साध्वी प्राची दीदी का समाज के प्रमुख लोगों से स्वागत कराया गया।
अतिथियों ने अपने उद्बोधन में संघ की मूल विचारधारा से जनमानस को अवगत कराया तथा कहा कि हिंदू ही वह धर्म है जो प्रत्येक जीव में प्राणी में परमात्मा देखता है यहां तक की मानव जीवन के लिए अनिवार्य पेड़ पौधों नदियों तक में अपने भगवान देवता का निवास मानता है।
हिंदू धर्म सनातन काल से चली आ रही मानव कल्याण की एक धरोहर है और यह जाति पाति की जो दीवार खड़ी कर दी गई है इन्हें हमें मिटाना होगा।
हमारा आज के सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह है कि “जात पात की करो विदाई हिंदू हिंदू भाई-भाई” इसी एक वाक्य में संगठन का और भारत की भलाई का मूल मंत्र छिपा हुआ है।
मंच पर अतिथियों के अलावा पचोर के मठ मंदिर के महंत पुजारी भी मंचासीन थे। कार्यक्रम में नगर की सभी धार्मिक संस्थाओं सामाजिक संगठन संस्थान ने भाग लेकर सहयोग प्रदान किया।
अतिथियों के उद्बोधन एवं कार्यक्रम के समापन पश्चात् विशाल सहभोज का आयोजन किया गया जहां सभी ने जात पात का भेद भूलकर एक ही पंक्ति में बैठकर सर्व समाज ने प्रसादी ग्रहण की। भोजन परोसगारी में मजदूर वर्ग से लेकर किसान व्यापारी जनप्रतिनिधि सभी सेवा करते नजर आए। सांसद रोड़मल नागर ने स्वयं भी परोसगारी में सहभागिता की।

























