उपनिदेशक डॉ. महाराज सिंह के मार्गदर्शन में क्षार सूत्र शिविर का तीसरा दिन
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा-आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित शल्य क्षार सूत्र शिविर के तीसरे दिन चिकित्सालय परिसर में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली।
शिविर के दो सफल दिनों के पश्चात आज तीसरे दिन दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी ऐसे मरीज पहुंचे, जो वर्षों से पाइल्स (बवासीर) एवं फिस्टुला (भगंदर) जैसी जटिल व पीड़ादायक बीमारियों से पीड़ित थे।शिविर प्रभारी डॉ. नारायण सिंह ने आज कैंप परिसर का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने कर्मचारियों के कार्यों का अवलोकन किया तथा रोगियों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर कुशलक्षेम पूछी। तीसरे दिन की प्रमुख विशेषताएजटिल मामलों का समाधान:विशेष रूप से बार-बार होने वाले भगंदर जैसे जटिल रोगों का क्षार सूत्र विधि से सफल उपचार किया गया।
कई मरीज ऐसे थे जिन्हें एलोपैथिक सर्जरी के बावजूद राहत नहीं मिली थी, लेकिन आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा से उन्हें स्थायी समाधान मिला।मरीजों का सकारात्मक फीडबैक:पहले और दूसरे दिन उपचार करा चुके मरीजों में हुए सुधार को देखकर नए मरीजों में उत्साह एवं विश्वास स्पष्ट दिखाई दिया।
आहार-विहार पर मार्गदर्शन: इलाज के साथ-साथ डॉ. श्याम सुंदर स्वर्णकार ने मरीजों को आहार-विहार (डाइट एवं लाइफस्टाइल) के बारे में जागरूक किया, जिससे भविष्य में इन रोगों की पुनरावृत्ति न हो।
विशेषज्ञों की राय: डॉ. विनीत जैन एवं डॉ. तरुण मीणा ने बताया-“क्षार सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि औषधि और शल्य कर्म का अद्भुत संगम है।
तीसरे दिन तक अनेक सफल प्रोसीजर किए जा चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मरीज उपचार के तुरंत बाद अपने दैनिक कार्य करने की स्थिति में हैं।तीसरे दिन तक 1110 मरीज लाभान्वित हुए। आज 35 मरीजों का क्षार सूत्र विधि से सफल ऑपरेशन हुआ।
जिन मरीजों को ऑपरेशन से भय लगता था, उनके लिए क्षार सूत्र उपचार बिना दर्द, बिना लंबी छुट्टी और सीधे इलाज का भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आया है।आयुर्वेद की शल्य चिकित्सा ने शाहपुरा क्षेत्र में रोगियों के लिए राहत और विश्वास की नई किरण जगाई है।









