जिला ब्यूरो संवाददाता पवन परमार जिला देवास सोनकच्छ। ग्राम सांवेर निवासी अधिवक्ता राहुल गोस्वामी के खिलाफ उनकी पत्नी ने बिते दिनों सोनकच्छ थाने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी एवं गाली-गलौज का मामला पंजीबद्ध कराया था।
फिर इस मामले को लेकर मंगलवार को अधिवक्ता राहुल गोस्वामी ने एक वीडियो वायरल किया, जिसमें उन्होंने पुलिस पर कथित जब जबरदस्ती और अपमानजनक व्यवहार का गम्भीर आरोप लगाया है।
गोस्वामी का कहना है कि पुलिस ने उन्हें धमकिया दी कि यदि उन्होंने इस घटना की शिकायत किसी से की, तो उनके खिलाफ नशे के व्यवसाय का झूठा मामला दर्ज करवा दिया जाएगा। साथ ही एक अन्य वीडियो भी सामने आया है। जिसमें पुलिस द्वारा राहुल गोस्वामी को लॉकअप में डालते हुए देखा जा रहा है।
यह वीडियो उनकी बहन द्वारा थाने पर पहुंचकर बनाया था। इसके तत्पश्चात पुलिस ने क्रॉस कायमी की थी। राहुल गोस्वामी ने बताया कि वह कुछ दिन बीमार होने और पारिवारिक आयोजन के चलते बीते आठ दिनों से बाहर गए हुए थे। लौटने के बाद मंगलवार को उन्होंने पूरे मामले को लेकर बार एसोसिएशन सोनकच्छ को आवेदन सौंपा।
राहुल गोस्वामी ने आरोप लगाया कि जब उन्हें लॉकअप में डाला जा रहा था, तब राहुल गोस्वामी ने स्वयं को अधिवक्ता बताया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उनकी बातों को नहीं सुना और अपशब्द कहते हुए कहा कि तेरी सारी वकालत निकाल देंगे, हमें सस्पेंड होने से डर नहीं लगता। तू हमारा कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता। फिर राहुल गोस्वामी द्वारा आवेदन पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष विमलसिंह नागर ने बताया कि राहुल गोस्वामी बार के सदस्य हैं।
बार एसोसिएशन की बैठक के बाद एसपी को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की जाएगी। साथ ही राहुल गोस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ जिला पुलिस कप्तान पुनीत गेहलोद लोगों की सुरक्षा के लिए दिन प्रतिदिन प्रयासरत हैं।
लेकिन वही सोनकच्छ पुलिस द्वारा लोगों से दुर्व्यवहार और पैसों की मांग करना, बेवजह गलत कार्य में फसाना और धमकी देने जैसा व्यवहार किया जा रहा है जब अधिवक्ता के साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
तो आम जनता का के साथ कैसा व्यवहार होता होगा।वहीं इस मामले में थाना प्रभारी अजय गुर्जर से बात की तो उन्होंने ने बताया कि पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद हुआ था, जिस पर दोनों पक्षों की क्रॉस कायमी की गई है।
थाने में दोनों एक-दूसरे पर हमले के लिए उतारू थे, जिन्हें अलग किया गया। इस दौरान राहुल भागने का प्रयास कर रहा था। राहुल को लॉकअप में बंद नहीं किया गया था, बल्कि वह फांसी लगाने का प्रयास कर रहा था। इसलिए जवान उसे एक तरफ ले जाकर गले से मफलर निकाल रहा था। इस मामले की जांच कराई जाएगी।
बार एसोसिएशन के सभी सदस्य एसडीओपी कार्यालय पहुँचे, जहां पर उन्होंने थाना प्रभारी अजय गुर्जर द्वारा बचाव में यह कहा गया है कि राहुल आत्महत्या एवं थाने से भागने की कोशिश कर रहा था, इसी मामले की जाँच करवाने के लिए बार के अध्यक्ष सहित अन्य अधिवक्ता ने थाने के CCTV फुटेज जांच की मांग की है।
वहीं एडवोकेट राहुल गोस्वामी पर थाना प्रभारी द्वारा लगाए गए आरोप की जांच कर कार्यवाही की जाये, क्योंकि थाना प्रभारी अजय गुर्जर बचने के लिए झूट पर झूठ बोले ही जा रहे है। अब देखना यह है कि इस मामले में शासन प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

























