दतिया। बाल दिवस 2025 के अवसर पर कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने शुक्रवार को पीएम शासकीय एकीकृत हाई स्कूल, तगा पहुंचकर बच्चों के साथ समय बिताया और बाल दिवस को उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, जिला पंचायत दतिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षय कुमार तेम्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी यू.एन. मिश्रा एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। स्कूली छात्र-छात्राओं ने अतिथियों का गर्मजोशी से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया,बच्चों से आत्मीय संवाद, जरूरतों और सपनों को जाना, कलेक्टर वानखडे ने स्कूल परिसर में बच्चों के साथ बैठकर आत्मीय संवाद किया।
उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई, परिवार, रुचियों और सामाजिक जरूरतों के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक अपने सवाल रखे जिनका कलेक्टर ने स्नेहपूर्वक उत्तर दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्रों द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का कलेक्टर और अधिकारियों ने अवलोकन किया। कलेक्टर वानखडे ने विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, गीत, नृत्य, खेल और मनोरंजन गतिविधियों ने कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह भर दिया।
पूरा स्कूल प्रांगण बच्चों की खुशियों और हंसी-खुशी से गूंजता रहा,मेहनत को आदत बनाएं, सफलता स्वयं रास्ता बना लेगी कलेक्टर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने कहा कि बच्चों ने अत्यंत सुंदर और प्रभावी कार्यक्रम प्रस्तुत किया है, जिससे वे अभिभूत है।
कार्यक्रम में उपस्थित एक छात्र ने कलेक्टर से पूछा कि “जीवन में आगे बढ़ने के लिए क्या करना पड़ता है इस पर कलेक्टर वानखडे ने गहरी बात कहते हुए उत्तर दियामेहनत के सिवाय सफलता का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
स्कूल हमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आचार-विचार, अनुशासन और जीवन को सही दिशा देना भी सिखाता है। शिक्षक हमारे सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं—उनका सम्मान करें और उनके बताए हुए संस्कारों को अपने जीवन में अपनाएं।
”सफल लोगों से प्रेरणा लेने की सलाह, कलेक्टर ने बच्चों को समझाया कि सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत की आदत होती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपने आसपास के क्षेत्रों में सफल हुए लोगों से प्रेरणा लें और अपने सपनों को पाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने मुस्कुराते हुए बच्चों को प्रेरित किया, मैं उम्मीद करता हूँ कि आने वाले वर्षों में आप सभी में से कोई न कोई कलेक्टर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षक या समाज का प्रेरणादायी व्यक्तित्व बनकर उभरेगा। हो सकता है कि एक दिन आप में से ही कोई इसी मंच से बाल दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन करें।
कार्यक्रम का समापन शुभकामनाओं के साथ, कार्यक्रम का समापन बच्चों की उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए दी गई कलेक्टर की शुभकामनाओं के साथ हुआ। बच्चों में भी कलेक्टर से सीधे संवाद कर भविष्य के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देखने को मिला।
बाल दिवस का यह आयोजन विद्यालय और बच्चों के लिए यादगार बन गया, जिसने शिक्षा, प्रेरणा और आनंद का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

























