दतिया। मध्य प्रदेश जनसेवा और सुशासन की दिशा में दतिया जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण दिया है मुख्यमंत्री मोहन यादव के सतत मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप दतिया जिले ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त जन-शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण में पूरे प्रदेश में पुनः नंबर-1 स्थान हासिल किया है।
समस्याओं के समाधान में दतिया मॉडल फिर बना मिसाल,कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के नेतृत्व में सभी विभागों ने एकजुट होकर नागरिकों की समस्याओं के लिए त्वरित कार्रवाई, जवाबदेही और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
जिला स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा समन्वित प्रयासों, सतत समीक्षा एवं फॉलो-अप से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हुआ, बल्कि स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किए गए।
सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों में से हजारों मामले समय सीमा के भीतर सुलझाए गए, जिनमें अधिकांश में ग्राउंड-लेवल पर वास्तविक समाधान उपलब्ध कराया गया। इस उपलब्धि ने दतिया जिले को पुनः प्रदेश का अग्रणी जिला बना दिया है।
फाइल बंद करना नहीं, नागरिक को राहत देना है”—प्रशासन की, प्राथमिकता, कलेक्टर वानखड़े ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि सीएम हेल्पलाइन में समस्या का निपटारा केवल कागजों में फाइल बंद करना नहीं, बल्कि नागरिक को वास्तविक और संतोषजनक राहत प्रदान करना है।
इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिले में प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा, विभागवार प्रगति की मॉनिटरिंग और फील्ड-स्तर पर लगातार निरीक्षण किए गए, नियमित समीक्षा बैठकें और जवाबदेही का सख्त पालन, विभागीय अधिकारियों से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट,
लंबित मामलों का विशेष अनुश्रवण, मौके पर पहुँचकर समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था, समयसीमा उल्लंघन पर अधिकारियों की जिम्मेदारी, इन प्रयासों के चलते दतिया ने एक बार फिर प्रदेश के सभी जिलों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएँ” दतिया प्रशासन की पहचान, नागरिकों की शिकायतों के बढ़ते समाधान से जिले में प्रशासनिक कामकाज के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
विभिन्न विभागों— राजस्व, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा, विद्युत, नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों ने भी उत्कृष्ट योगदान दिया,आगामी लक्ष्य ” सेवाओं को और प्रभावी बनाना, दतिया जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी नागरिक सेवाओं को और सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कार्य जारी रहेगा।
ई-गवर्नेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और जमीनी निरीक्षण को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दतिया राहत, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की अनूठी मिसाल, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

























