नकद खाद बिक्री बंद करने और निलंबित कर्मचारियों की बहाली की उठी मांग।दतिया जिले में सहकारी सोसायटी संचालकों ने सोमवार दोपहर जिला सहकारी बैंक परिसर से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक जोरदार नारेबाजी करते हुए रैली निकाली।
बड़ी संख्या में उपस्थित सोसायटी संचालकों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जाहिर की और किसानों को नकद खाद बेचने की प्रक्रिया को बंद करने की मांग की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर सभी संचालकों ने कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को नकद खाद बिक्री बंद करने की मांग की गई।
उनका कहना था कि नकद खाद बिक्री से किसानों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है, जिससे वे परेशान है। वहीं सहकारी संस्थाओं की मूल भावना पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। संचालकों ने यह भी मांग की कि हाल ही में निलंबित किए गए कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए, ताकि संस्थाओं का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
इस दौरान करीब 50 सोसायटी प्रबंधक एवं संचालक उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान संचालकों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था
कि अगर शीघ्र ही उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर संचालकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान किया जाएगा।

























