जिला अस्पताल में टीबी रोगियों को भेंट की गई ‘‘फूड वास्केट’’
दतिया। 04 दिसम्बर, 2025प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत के तहत शुरू की गई निक्षय पोषण योजना अंतर्गत जिला चिकित्सालय दतिया में गुरूवार को स्टाफ नर्स द्वारा उपलब्ध कराई गई 20 ‘‘फूड वास्केट’’ का वितरण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दतिया की मौजूदगी में टीबी मरीजों को किया गया।
सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने पोषण आहार किट टीबी रोगियों को भेंट की। इस अवसर पर सिविल सर्जन सह मुख्य अधीक्षक दतिया, डॉ. डी.एस. तौमर आरएमओ, डॉ. एस.एन. शाक्य के साथ ही क्षय रोग विभाग का समस्त स्टाफ और क्षय रोगी मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने इस मौके पर कहा कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से टीबी रोग से ग्रस्त मरीजों के लिए जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
इसके साथ ही एक विशेष अभियान द्वारा टीबी मरीजों के पोषण के लिए निक्षय मित्र की मदद से पौष्टिक आहार मरीजों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि दवा और सही पोषण से टीबी के मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें।
उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में सहयोग करने के लिए निक्षय मित्र की भूमिका अहम है, इसके तहत कोई भी योग्य व्यक्ति टीबी से प्रभावित मरीज को गोद लेकर उनके स्वस्थ होने तक उनके भरण पोषण की जिम्मेदारी उठा सकता है। जिला क्षय अधिकारी डॉ. विशाल वर्मा ने कहा कि समय पर जांच और निरंतर इलाज से टीबी की बीमारी दूर हो सकती है।
यह रोग आमतौर पर फेफड़ों पर आघात करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य भागों नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते से अधिक खांसी, भूख न लगना, रात में ज्यादा पसीना आना, वजन में लगातार गिरावट आना जैसे लक्षण टीबी होने पहचान हैं।
ऐसा होने पर तत्काल अस्पताल में जांच करवानी चाहिए। टीबी प्रभाव की पुष्टि होने पर मरीज को निरंतर स्वस्थ होने तक आवश्यक दवाओं का सेवन करना चाहिए। क्षय अधिकारी ने कहा कि यदि मरीज बिना अवरोध किए नियमित इलाज कराते हैं तो वे टीबी मुक्त हो सकते हैं।









