प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार
धुरंधर-3 लोडिंग प्रधानमंत्री की अपील के बाद आधा रह गया सोने का व्यापार, मुंबई के जवेरी बाजार में 4 दिनों में 2000 करोड़ की भारी गिरावट हुई हैं l
मुंबई का ऐतिहासिक जवेरी बाजार जहां हर सुबह सोने की चमक और करोड़ों के सौदों की खनक के साथ शुरू होती थी वहां आज एक अजीब सी खामोशी है.
प्रधानमंत्री की अपील के बाद यहां का दैनिक व्यापार 1400 करोड़ से घटकर आधा रह गया है.
पिछले 4 दिनों में 4200 करोड़ की तुलना में केवल 2000-2500 करोड़ का ही गोल्ड व्यापार हुआ है l
इसके साथ ही, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे खरीदार बाजार से दूरी बना रहे हैं.
लैब-ग्रोन डायमंड के बाद अब लैब में बना सोना भी भारतीय बाजार में प्रवेश कर सकता है।
प्राकृतिक सोने का सस्ता विकल्प
पारंपरिक बुलियन और ज्वेलरी व्यापार के लिए चुनौती
आने वाले वर्षों में फिजिकल गोल्ड की मांग पर असर संभव
शुद्धता और कीमत तय करने में बड़ी चुनौती
तकनीक तेजी से प्रेशियस मेटल इंडस्ट्री को बदल रही है
भविष्य में सोने का बाजार आज से बिल्कुल अलग दिख सकता है।
मुंबई का ऐतिहासिक जवेरी बाजार जहां हर सुबह सोने की चमक और करोड़ों के सौदों की खनक के साथ शुरू होती थी वहां आज एक अजीब सी खामोशी है. जिस बाजार की गलियों में रोजाना करीब 1400 करोड़ रुपये के सोने का दांव लगता था, वहां अब व्यापार आधा रह गया है l
● प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर कहें या बढ़ती कीमतों का दबाव, देश के सबसे बड़े सर्राफा बाजार की रौनक जैसे कहीं खो गई है l
● जवेरी बाजार में आई इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण नजर आते हैं. पहला, प्रधानमंत्री की अपील, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों के मनोविज्ञान पर गहरा असर डाला है l
● जब देश का नेतृत्व आर्थिक प्राथमिकताओं में बदलाव की बात करता है, तो बाजार में अक्सर ऐसी सतर्कता देखी जाती है l
● दूसरा बड़ा कारण है इंपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि. सोने के आयात पर शुल्क बढ़ने से सीधे तौर पर इसकी लागत बढ़ गई है. बढ़ती कीमतों ने न केवल गहने खरीदने वालों को हतोत्साहित किया है l
पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर टिकी हैं. खाड़ी देशों से आने वाली पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है l ऐसे मुश्किल वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बड़ी अपील की है l
उन्होंने कहा है कि इस संकट से निपटने के लिए हमें अगले एक साल तक सोना नहीं खरीदना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि कुकिंग ऑयल, पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल में भी कटौती करने की सलाह दी है l















