साध्वी सरस्वती दीदी कलश यात्रा,दुर्गा वाहिनी, महापुरुषों की झांकी, वीर शिवाजी संगठन का शौर्य पराक्रम,के साथ ग्राम मऊ में आयोजित हुआ विराट हिंदू सम्मेलन!!
फोटो क्रमांक 1-कलश यात्रा के साथ चल समारोह में मातृशक्तिफोटो क्रमांक 2- महापुरुषों की झांकीफोटो क्रमांक 3- हिंदू सम्मेलन पंडाल में वक्त का उद्बोधन सुनते हुए हिंदू समाजफोटो क्रमांक 4 मंच पर विराजित साध्वी सरस्वती दीदी गुरु चरण दास जी महाराज! जिला प्रचारक दीपक तोमरपडाना – रविवार समीप ग्राम मऊ आयोजित हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया
कार्यक्रम के पहले नगर के रामलीला मंडल चौक से साधु संतों के साथ अशव पर शस्त्र धारण कर महापुरुषों की झांकी के साथ दुर्गा वाहिनी कलश यात्रा की एक विशाल शोभा यात्रा निकल गई जो नगर के विभिन्न गली मोहल्ला एवं वार्डों में होते हुए विराट हिंदू सम्मेलन परिसर मां दुर्गा गौशाला पहुंची! साध्वी सरस्वती दीदी, कबीरपंथी गोपाल दास जी महाराज,खेड़ापति
हनुमान पुजारी गुरु चरण दास जी महाराज, जिला प्रचारक दीपक तोमर इत्यादि ने गौ माता पूजन भारत माता पूजन किया गया! तत्पश्चात वीर शिवाजी संगठन की बालिकाओं द्वारा शौर्य प्रदर्शन तत्पश्चात!हिंदू समाज को जागृत करने और महिला शक्तियों को सशक्त बनाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित हुई!
मुख्य वक्ता के रूप में साध्वी सरस्वती दीदी ने कहा की हिंदू समाज को एकजुट का आवाहन किया,हिंदू समाज को अब आत्ममंथन नहीं आत्मरक्षा और आत्म गौरव की आवश्यकता है, उन्होंने शस्त्र और शास्त्र दोनों की दीक्षा अनिवार्य बताते हुए कहा कि हर हिंदू परिवार में संस्कार के साथ-साथ आत्मरक्षा का समर्थ भी होना चाहिए !
साथ ही स्वदेशी अपनाने और तिलक शिखा धारण करने का संदेश दिया! वही बताया कि महिलाएं शक्ति का प्रतीक है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए!इसी दौरान मां की परिभाषा देते हुए कहा कि कुटुंब वह इकाई है जहां संस्कार और मूल्य सिखाए जाते हैं मां वह शक्ति जो परिवार को जोड़कर रखती है और बच्चों को सही दिशा दिखाती है!
साथ ही गौ माता की सेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गौ माता की सेवा करने से मनुष्य को चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है!धर्म अर्थ काम और मोक्ष उन्होंने हिंदू परिवारों से आवाहन किया कि गौ माता की सेवा करना हमारा धर्म है! हमें इसके लिए आगे आना चाहिए!
इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला प्रचारक ब्यावरा दीपक तोमर ने अपने उद्बोधन में संघ शताब्दी के 100 वर्ष पूरे होने पर अपने उद्बोधन में आरएसएस का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है एवं कहां की संघ का मानना है कि व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है!
कथनी और करनी की परिभाषा देते हुए बताया की कथनी का अर्थ है जो हम कहते हैं और करनी का अर्थ है जो हम करते हैं संघ का मानना है कि अपनी कथनी और करनी में एकता होनी चाहिए! यानी जो हम कहते हैं वही हमें करना चाहिए !संघ की विचारधारा में हिंदुत्व राष्ट्रवाद और समाज सेवा पर जोर दिया जाता है !
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य समाज में समरसता और एकता को बढ़ावा देना है ! इस मौके पर मंडल के अंतर्गत आने वाले बरुखेड़ी धनोरा भूराखेड़ी नारायणपुर चतरुखेड़ी सहित मऊ नगर के सकल हिंदू समाज मातृशक्ति बड़े बुजुर्ग नन्हे मुन्ने बच्चे उपस्थित रहे!तत्पश्चात एकरूपता के साथ सहजभोग किया गया!









