संसार को बनाने वाले को चाहा तो अखण्ड सुख की प्राप्ति होगी- आचार्य रामदयाल जी महाराज
रामद्वारा धाम में दैनिक चातुर्मासिक सत्संग प्रारंभ, समय सुबह 9 से 10 बजे तक रहेगा भीलवाड़ा/जीवन में निष्काम भाव से किए गए कर्म ओर साधना ही सार्थक होती है। कामना ही जीवन में दुःख का सबसे बड़ा कारण होती है। रामजी ओर सद्गुरू की कृपा हो जाए ओर हम संसार की बजाय संसार बनाने वाले को चाहने लग जाए तो सारे दुःखो से मुक्ति मिलकर अखण्ड सुख की प्राप्ति होगी। ये विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत दैनिक सत्संग का प्रारंभ करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने भीलवाड़ा वासियों की श्रद्धा एवं भक्ति की सराहना करते हुए कहा कि सौभाग्यशाली होने से ही ये पांचवा चातुर्मास प्राप्त हुआ है। चातुर्मास में ऐसी साधना करनी है कि जीवन सत्यम शिवम सुन्दरम बन जाए। ये चातुर्मास परिवार व समाज को राम ओर राष्ट्रभक्ति का संदेश देने वाला सिद्ध हो ऐसी मंगलकामना है। वह भाग्यशाली होते है जिन्हें चातुर्मास में सत्संग का लाभ प्राप्त होता है।
आचार्यश्री ने सेवा भावना का महत्व समझाते हुए कहा कि हमारी सेवा संसार, सत्ता व पद प्रतिष्ठा प्राप्ति के लिए नहीं होकर परमात्मा को पाने के लिए होनी चाहिए। हमे कामना करनी चाहिए कि परमात्मा की कृपा मिले व उसका दीदार हो सके। उन्होंने कहा कि जीवन में चिंतन के धरातल पर चार तत्व जवाबदारी, जिम्मेदारी, समझदारी ओर ईमानदारी सदा हमारे पास रहने पर सारी समस्याओं का स्वत समाधान हो जाएगा।
आचार्यश्री ने बताया कि चातुर्मास में दैनिक सत्संग का समय सुबह 8.30 से 9.30 बजे की बजाए श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप मंगलवार से सुबह 9:00 से 10:00 बजे तक रहेगा। प्रवचन के विश्राम पर डाड परिवार राम राम सा के सदस्यों द्वारा आचार्यश्री रामदयाल जी महाराज की आरती की गई। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
चातुर्मास में होंगे प्रभु भक्ति से ओतप्रोत विभिन्न आयोजन चातुर्मास में आचार्यश्री रामदयाल जी महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह 5 से 6 बजे तक रामधुनी के साथ सुबह 8:30 से 9:00 बजे तक वाणीजी का पाठ होगा। प्रवचन प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक होंगे।
सूर्यास्त के समय संध्या आरती होगी। गुरू पूर्णिमा महोत्सव 29 जुलाई को मनाया जाएगा। चातुर्मास में 13 से 20 सितम्बर तक पूज्य वाणीजी प्रवचन सप्ताह में सुबह 8:30 से 11:30 बजे तक एवं भागवत ज्ञान महोत्सव दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक मनाया जाएगा।
आचार्यश्री अवतरण महोत्सव पर आध्यात्मिक कार्यक्रम 25 सितम्बर रात 8:00 बजे से होगा एवं आचार्यश्री अवतरण आनंदोत्सव 26 सितम्बर को सुबह 8:30 बजे से मनाया जाएगा। पंचमी गोटका जी की शोभायात्रा 15 अक्टूबर को निकाली जाएगी एवं चातुर्मास सम्पन्न 22 अक्टूबर को होगा।