ट्रैक्टर हवा में उठा, रेलिंग पर चढ़ा; दो घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक।
दतिया। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शामिल सिविल लाइन रोड पर सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कलेक्टर बंगले के ठीक सामने सड़क निर्माण कार्य में लगा एक ओवरलोड ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग पर चढ़ गया। ट्रॉली में अत्यधिक वजन होने के कारण ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया, जिससे उसके अगले दोनों पहिए हवा में उठ गए।
सौभाग्य से घटना के समय मौके से कोई राहगीर या वाहन गुजर नहीं रहा था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा, इन दिनों सिविल लाइन रोड पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। कलेक्टर बंगले के सामने तक सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और निर्माण सामग्री का परिवहन लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से किया जा रहा है।
सोमवार रात भी एक ट्रैक्टर ट्रॉली में भारी मात्रा में सामग्री लेकर गुजर रहा था। जैसे ही ट्रैक्टर बंगले के मुख्य गेट के सामने पहुंचा, ओवरलोडिंग के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर का अगला, हिस्सा अचानक ऊपर उठ गया। कुछ ही पलों में ट्रैक्टर डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग पर जा चढ़ा।
रेलिंग को हुआ भारी नुकसान,हादसे में सड़क किनारे लगी लगभग 50 से 60 फीट लंबी लोहे की रेलिंग उखड़कर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रैक्टर असंतुलित हालत में रेलिंग पर अटका रहा, जिससे मार्ग से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
JCB की मदद से निकाला गया ट्रैक्टर,घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास शुरू किया। ट्रैक्टर को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए जेसीबी मशीन मंगवाई गई।
करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को रेलिंग से हटाकर सड़क पर लाया जा सका। इस दौरान सिविल लाइन रोड पर यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा
, ओवरलोडिंग पर उठे सवाल, इस घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे वाहनों की ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के बीचों-बीच, कलेक्टर बंगले जैसे अति महत्वपूर्ण स्थान के सामने हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और निगरानी पर भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हादसे के समय कोई पैदल यात्री या वाहन वहां से गुजर रहा होता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने प्रशासन और निर्माण, एजेंसियों को ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की जरूरत का स्पष्ट संकेत दे दिया है।









