राजगढ़ 28 अगस्त, 2025 कृषि विज्ञान केंद्र में आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं सहयोगी संस्था सीपा के माध्यम से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (वाटरशेड) के अंतर्गत एक दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ जिला समन्वयक श्री शैलेन्द्र सिंह जादौन सहित संबंधित अधिकारी, वैज्ञानिक एवं किसान उपस्थित रहे। वरिष्ठ जिला समन्वयक श्री जादौन द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान चार मुख्य स्तंभों जलवायु-कुशल कृषि, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, आजीविका का विविधीकरण एवं कृषकों का संस्थागत जुड़ाव पर विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुरेन्द्र कौशिक ने खरीफ सीजन की पी.ओ.पी. फसल मॉड्यूल की जानकारी देते हुए मृदा स्वास्थ्य सुधार, पोषक तत्व प्रबंधन एवं प्राकृतिक खेती के चार आधार बीजामृत, जीवामृत, मल्चिंग एवं वापसा के महत्व को विस्तार से समझाया।
इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने जलवायु परिवर्तन से फसलों पर पड़ने वाले प्रभावों एवं उससे जुड़े रोग व कीट प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
डॉ. श्रीमती गजाला खान ने मौसम आधारित कृषि प्रबंधन एवं मौसम पूर्वानुमान की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के समस्त वैज्ञानिक, आत्मा विभाग के ब्लॉक तकनीशियन, वाटरशेड प्रबंधक टीम, संबंधित ग्रामों के कृषि विस्तार अधिकारी, किसानगण एवं सीपा संस्था की टीम की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर जल संरक्षण, सतत कृषि विकास एवं आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था।

























