।दतिया। जिले के जिगना थाना क्षेत्र स्थित विजयपुर डेरा में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 7 वर्षीय मासूम श्रेयांश अहिरवार की कुएं में गिरकर मौत हो गई, खेलते-खेलते अचानक लापता हुए श्रेयांश की तलाश परिजन और पुलिस मिलकर रातभर करते रहे, लेकिन देर रात जब घर के सामने खेत में बने एक पुराने कुएं में कांटे डालकर देखा गया, तो मासूम का शव बरामद हुआ। घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। कैसे हुआ हादसा, जानकारी के अनुसार श्रेयांश अहिरवार अपने माता-पिता का बड़ा बेटा था। परिवार खेत पर बने छोटे मकान में रहता है और खेती-किसानी से जीवन-यापन करता है।
शुक्रवार को श्रेयांश खाना खाने के बाद रोज की तरह खेलने के लिए बाहर गया था। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिजन चिंतित हो गए और उसे आसपास ढूंढने लगे”जब काफी देर तक कोई पता नहीं चला, तो परिजनों ने घबराकर बच्चे के लापता होने की सूचना सोशल मीडिया पर पोस्टर बनाकर प्रसारित की। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भी सक्रिय हो गई और परिजनों के साथ मिलकर रातभर खेतों, रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की। कुएं पर हुआ संदेह, फिर मिली दर्दनाक खबर”रात करीब देर तक तलाशी के दौरान परिजन घर के सामने खेत में बने एक पुराने, खुले कुएं के पास पहुंचे। कुएं की सुरक्षा के लिए न दीवार थी और न ही ढक्कन”सालों पुराना कुआं पूरी तरह खुला पड़ा हुआ था।
संदेह होने पर पुलिस और ग्रामीणों ने कुएं में कांटे डालकर तलाशी ली। कुछ देर बाद कांटे में फंसी वस्तु बाहर आई और जैसे ही उसे ऊपर खींचा गया, परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई”वह श्रेयांश का शव था। सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी बनी मौत का कारण, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि श्रेयांश खेलते- खेलते खुले कुएं के पास पहुंच गया होगा, जहां अंधेरा और असुरक्षा के चलते उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर पड़ा। कुएं के आसपास किसी भी प्रकार की सुरक्षा दीवार, जाली या चेतावनी नहीं थी। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं की संख्या अधिक होने और उनमें सुरक्षा उपाय न होने पर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव, शनिवार सुबह श्रेयांश का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। घटना से पूरे गांव में मातम पसरा है।
मासूम की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, श्रेयांश के माता-पिता और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुएं को ढंका गया होता या उसके चारों ओर दीवार बनाई गई होती, तो यह हादसा टल सकता था। लोग प्रशासन से खुले और असुरक्षित कुओं को तुरंत सुरक्षित करवाने की मांग भी कर रहे है।

























