स्वतंत्र जांच दल गठित तीन दिनों में सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट,
दतिया। पीताम्बरा पीठ मंदिर परिसर में मुख्य द्वार के पास निर्माणाधीन ढांचे के अचानक ध्वस्त होने की घटना के बाद प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया है।
बुधवार रात्रि लगभग 9 बजे हुए इस हादसे में निर्माणाधीन 12 पिलरों में से 8 पिलर जमींदोज हो गए थे। सौभाग्य से इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कलेक्टर ने spot inspection कर जताई कड़ी नाराज़गी,गुरुवार सुबह कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े स्वयं पीताम्बरा पीठ मंदिर परिसर पहुंचे और पूरे निर्माण क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने ढहे हुए पिलरों, शेष संरचना एवं कार्यस्थल पर उपयोग में लाए जा रहे सामग्री की बारीकी से जांच की।
कलेक्टर ने इस घटना को “गंभीर संरचनात्मक लापरवाही” बताते हुए कहा कि ऐसा हादसा देश की प्रसिद्ध शक्ति पीठ और जनसमूह की निरंतर आवाजाही वाले धार्मिक स्थल में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ठेकेदार से जवाब तलब, असंतोषजनक उत्तर पर दिए FIR के निर्देश, निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार से पिलर गिरने के कारण पूछे।
ठेकेदार द्वारा कोई ठोस या संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कलेक्टर ने नाराज़गी जताते हुए तत्काल दोषी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच के लिए स्वतंत्र जांच दल गठित, हादसे के वास्तविक कारणों, कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी विश्लेषण और सुरक्षा प्रावधानों की निष्पक्ष जांच के लिए कलेक्टर ने चार सदस्यीय स्वतंत्र जांच दल का गठन किया है।
दल में शामिल अधिकारी, एसडीएम दतिया, संतोष तिवारी, कार्यपालन यंत्री, निर्माण विभाग, आदित्य सोनी,मुख्य नगर पालिका अधिकारी नागेन्द्र सिंह गुर्जर, फायर सेफ्टी ऑफिसर – धर्मेन्द्र धाकड़,यह जांच दल निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री, स्ट्रक्चरल डिज़ाइन, कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा उपाय, ठेकेदार की कार्यप्रणाली एवं हादसे से पूर्व की स्थितियों की गहन पड़ताल करेगा।
तीन दिनों में देनी होगी विस्तृत रिपोर्ट, कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि गठित जांच दल तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन *प्रस्तुत करे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीताम्बरा पीठ जैसा ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल अत्यंत संवेदनशील है, और यहां किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं में चिंता,इस हादसे के बाद पूरे शहर में चर्चा का माहौल है।
मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते है, ऐसे में इस तरह की निर्माण लापरवाही ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

























