क्यों नहीं चला पा रहा प्रशासन बस स्टॉप? जनता में भारी आक्रोश
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-शहर के मुख्य केंद्रीय बस स्टैंड की हालत बदतर हो रही है। कुर्सियां टूटी हुई है,कई रोडवेज बसे बस स्टैंड से किनारा कर बाहर से निकल रही है, बस स्टैंड पर दो दुकानें लगी हुई है उनके किराया भारी पड़ रहा है, घर खर्चा चलना मुश्किल हो रहा हैं
वही गर्ल्स, व बॉयज विद्यालय के पास बने अस्थाई बस स्टॉप पर पानी पेशाबघर की सुविधा है। लेकिन छाया के लिए नगर पालिका ने नाम के लिए टेंट तो लगा दिया, लेकिन आंधी में धराशायी होने के बाद सुध लेना भूल गई।
बसे नही रुक रही हैं, आंधी में टेंट से सड़क पर लोहे के पाइप बिखरा पड़ा है। यात्रियों के लिए खतरा बने हुए हैं।प्रशासन की उदासीनता से रामशाला के बाहर बना अस्थाई बस स्टॉप स्थाई हो गया हैं।
वहां भी छाया, पानी एवं सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं है बस का इंतजार कर रहे यात्री खुले आसमान के नीचे ज्येष्ठ माह की कड़ाके की धूप झेलने को मजबूर बैठने की जगह तक नहीं है, दुकानदार सामने बैठने नहीं देते हैं।
आखिर पालिका मौन क्यों है। स्थानीय दुकानदार कहते है हालत बहुत खराब है”रोजाना सैकड़ों यात्री आते, जाते हैं। जिनमें बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं खड़े-खड़े परेशान होते रहते हैं। कोई अधिकारी कर्मचारी, जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं।















