गलियों में गूंजा ‘डेथ टू डिक्टेटर’ का नारा
ईरान में साल 2026 की शुरुआत भीषण जन-आक्रोश के साथ हुई है। देश की गिरती अर्थव्यवस्था, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची महंगाई और सख्त सरकारी पाबंदियों ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। तेहरान के बाजारों से शुरू हुआ यह विरोध अब देश के 21 प्रांतों तक फैल चुका है।
प्रदर्शनकारी न केवल आर्थिक सुधारों की मांग कर रहे हैं, बल्कि अब सीधे तौर पर ‘डेथ टू डिक्टेटर’ और शासन परिवर्तन के नारे लगा रहे हैं। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई प्रांतों में छुट्टी घोषित कर दी है और इंटरनेट पर पाबंदियां लगा दी हैं।
लेकिन जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा हैईरान की इस नई बगावत की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई, जहां दुकानदारों ने ईरानी रियाल की भारी गिरावट और आसमान छूती कीमतों के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं।
व्यापारियों का यह गुस्सा जल्द ही आम नागरिकों और छात्रों के बीच फैल गया। तेहरान, इस्फहान, शिराज और मशहद जैसे प्रमुख शहरों में रैलियां निकाली जा रही हैं, जो अब पूरी तरह से सरकार विरोधी आंदोलन जारी।

























