जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर कस्बे में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हुए। भगवान की मूर्तियों को बेवाण में बिठाकर जलविहार किया गया और लालौलाई तालाब की पाल पर आरती हुई।
इसके बाद पुराने पंचायत भवन के सामने भव्य आयोजन हुआ।श्याम कला मंडल द्वारा विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें गायिका श्रुति सुथार ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें प्रशासक शंकर गुर्जर, हेमराज भाट, सुरेश माली, लक्ष्मीकांत लखारा, सत्यनारायण सोनी और निखिल भाट शामिल थे।
मंडल के सदस्यों ने पुजारियों और बाहर से आए कलाकारों का दुपट्टा और माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में श्रोता और महिलाएं भजनों पर नृत्य कर आनंदित हुए।
























