अंधेर नगरी ।
पचोर/आज पचोर के भोजपुरिया हनुमान मंदिर में बीते कई दिनों से चल रहा श्रीराम कथा महोत्सव और श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ बुधवार को पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम इतना भव्य और मनमोहक रहा कि पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय उल्लास और धार्मिक उत्साह से झूम उठा। नगर के भोजपुरीया हनुमान सेवा एवं सुंदरकाण्ड पारायण समिति के मार्गदर्शन तथा नगरवासियों की एकजुटता ने इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।
समापन के अगले ही दिन गुरुवार को सुबह से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 9 बजे से देर शाम तक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। और पूरे परिसर में भजन कीर्तन की मधुर ध्वनियाँ वातावरण को पावन बनाती रहीं। हर ओर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस पूरे धार्मिक आयोजन का सबसे आकर्षक और भावुक कर देने वाला क्षण रहा सात गरीब परिवारों की बेटियों का मंदिर प्रांगण में नि:शुल्क सामूहिक विवाह। सुबह शुभ लग्न में सात दुल्हनों की बारात हनुमान मंदिर पहुंची। मंगलगीतों, ढोल-ढमाकों और वाद्ययंत्रों की धुनों के बीच दुल्हनों का स्वागत किया गया।
परिजनों और उपस्थित जनसमुदाय की खुशी देखते ही बन रही थी, डीजे की धुनों पर नाचते गाते महिलाएं और पुरुष, उत्साह से भरे नगरवासी सब मिलकर यह शादी जुलूस किसी उत्सव से कम नहीं था। नगर के कई स्थानों पर मार्ग में फूल वर्षा कर लोगों ने नवदम्पतियों का अभिनंदन किया। यह अनूठा दृश्य देखकर हर किसी के चेहरे पर प्रसन्नता और संतोष झलक रहा था।
शोभायात्रा वापस मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद वैदिक विवाह संस्कार की शुरुआत की गई। पंडित इंद्रजीत पाराशर ने शुद्ध वैदिक मंत्रोच्चारण और धर्मानुसार विधियों के साथ सातों दूल्हों से तोरण वरण करवाया। इसके बाद मंडप में अग्नि के साक्ष्य में सात फेरे संपन्न कराए गए। प्रत्येक फेरे के अर्थ और महत्व को पंडित पाराशर ने सरल भाषा में समझाया, ताकि नवविवाहित जोड़े जीवनभर इन सात वचनों को आत्मसात कर वैवाहिक जीवन को सफल बना सकें। विवाह संस्कार के दौरान सैकड़ों महिलाएँ और पुरुष भावविभोर होकर इस दिव्य क्षण के साक्षी बने और नवदम्पतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
मंदिर प्रबंधन, समिति सदस्यों, सेवकों और नगर के जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में दिन रात सेवा की। इस अवसर पर मुख्य रूप से लक्ष्मी नारायण गहलोत, महेश मालवीय, रामेश्वर शर्मा, संध्या शर्मा, कुसुम भारतीय, अर्चना शर्मा, सुमित्रा जायसवाल, मानक देवी रजौरे, दीपिका जायसवाल, सूरज रेवारी रीना गुप्ता, शीतल गुप्ता, दीपा तिवारी, रामकन्या विश्वकर्मा, रीना जायसवाल, मंजू विजयवर्गी, उमा देवी राजपूत, सीमा बैरागी,मंजू बैरागी, भगवान सिंह राजपूत, जगदीश वर्मा, राम प्रसाद जायसवाल, रमेश कारपेंटर, भागीरथ जायसवाल, राजेश भारतीय, अशोक शर्मा, दीपक दुबे, संदीप शर्मा, संजय यादव, संजय तिवारी, राघव गहलोत, भूपेंद्र ठाकुर, राजेंद्र कुशवाहा, बृजमोहन शर्मा, पवन महेश्वरी सहित कई महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।
























