कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल थावरचंद गहलोत से श्रेया की आत्मीय भेंट, पर्यावरण
कार्यों पर हुई विशेष चर्चाअपने पर्यावरण संरक्षण के प्रयास, राज्यपाल ने की सराहना
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा।
कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल थावरचंद गहलोत की दो दिवसीय राजस्थान यात्रा के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता रही। यात्रा के दौरान उन्होंने मालासेरी डूंगरी सवाई भोज मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया तथा जयपुर में आयोजित डेमोक्रेसी डे के नेशनल सेशन में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
इसी प्रवास के दौरान 17 सितंबर की सुबह गुलाबपुरा स्थित हिंदुस्तान जिंक गेस्ट हाउस में बाल पर्यावरण प्रेमी एवं ‘ग्रीन लिटिल बेबी’ के नाम से प्रसिद्ध श्रेया कुमावत ने महामहिम राज्यपाल गहलोत से आत्मीय भेंट की।भेंट के दौरान श्रेया ने राज्यपाल को पौधा भेंट किया। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी
राज्यपाल के साथ साझा की। श्रेया ने पौध तैयार करने एवं नि:शुल्क वितरण, वृक्षारोपण, बीज संरक्षण, सीड बॉल निर्माण, प्लास्टिक के पुनः उपयोग, कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए बाल डोनेट,जैविक सब्जियों की खेती, पक्षियों के लिए दाना-पानी एवं परिंडा अभियान तथा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर राज्यपाल गहलोत ने श्रेया से उसके पर्यावरणीय कार्यों के बारे में जानकारी ली। पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति बच्चों की भूमिका को लेकर दोनों के बीच विशेष चर्चा हुई। श्रेया के कार्यों
की जानकारी लेने के बाद राज्यपाल ने उसके प्रयासों की सराहना की तथा उसे प्रोत्साहित किया।श्रेया कुमावत ने कहा कि महामहिम राज्यपाल जी से आत्मीय भेंट कर अपने पर्यावरण कार्यों के बारे में जानकारी साझा करना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए विशेष सौभाग्य का अवसर है।
महामहिम का प्रोत्साहन मुझे पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।उल्लेखनीय है कि ‘ग्रीन लिटिल बेबी’ श्रेया कुमावत पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह पौध तैयार कर नि:शुल्क वितरण, वृक्षारोपण, बीज संरक्षण एवं सीड बॉल अभियान, जैविक खेती, पक्षी संरक्षण तथा बच्चों को प्रकृति से जोड़ने जैसी गतिविधियों के माध्यम से
पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही हैं।राज्यपाल थावरचंद गहलोत की राजस्थान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान हुई यह भेंट पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय बालिका और राज्य के संवैधानिक प्रमुख के बीच हुए संवाद का महत्वपूर्ण अवसर रही।