शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा-फुलियाकलां थाना क्षेत्र में पंचायत की रात्रि चौपाल की खबर प्रकाशित होना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। खबर से बौखलाए सरपंच पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया। मामला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।एक अखबार के संवाददाता सत्यनारायण टेलर निवासी नई-अरवड ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 17 दिसंबर 2025 को ग्राम अरवड में आयोजित रात्रि चौपाल का उन्होंने नियमानुसार कवरेज किया था, जो समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ। इसी से नाराज होकर सरदारपुरा निवासी रामलाल गुर्जर ने फोन पर धमकी दी कि वह उसकी खबरें क्यों छापता है और उसे “औकात” दिखाएगा।आरोप है कि 24 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 9.30 बजे, जब पत्रकार अपने कार्य से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे, तभी रामलाल गुर्जर अपने साथियों ईश्वर गुर्जर, गोपा रेगर, रामप्रसाद रेगर व महाबीर खारोल के साथ पहुंचे और रास्ता रोक लिया। आरोपितों ने गाली-गलौच करते हुए कॉलर पकड़ा, लात-घूंसे मारे तथा गले, कंधे व पेट पर चोट पहुंचाई। हाथ पर दांत से काटने का भी आरोप है।मारपीट के बाद आरोपितों ने पत्रकार को धमकाया कि यदि घटना की रिपोर्ट थाने में दी तो उसके खिलाफ झूठा एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज करवा दिया जाएगा तथा जान से मार दिया जाएगा। घटना के बाद घायल पत्रकार ने फुलियाकलां थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115(2), 126(2) व 189(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर पत्रकार संगठनों में रोष व्याप्त है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। यह मामला अब केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला बनकर सामने आया है।
























