यात्रा का पचोर नगर में हुआ आगमन
पचोर/मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट (बेरोजगारी विरोधी आंदोलन) के द्वारा भयंकर रूप से बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक, NTA रद्द करों, भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती करो, पेपर लीक के दोषियों को सजा करो आदि मांगो को लेकर पूरे राज्यभर में यूथ मार्च निकाला जा रहा है। आज यात्रा के क्रम में यूथ मार्च सुबह सुबह पचोर नगर पहुँचा।
नये बस स्टैंड, गांधी चौक, बोड़ा नाका, पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गई। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के सयोंजक प्रमोद नामदेव ने बताया कि नीट परीक्षा 2026 पेपर लीक केंद्र सरकार की और NTA की घोर लापरवाही का नतीजा है, जिसका परिणाम करोड़ों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
कई सारे छात्र आत्महत्या कर चुके हैं इसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की है। उन्होंने आगे बताया कि अभी तक 2015 से 2026 तक – 148 परीक्षा घोटाले हुए हैं, 87 परीक्षाएँ रद्द हुई हैं, 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
अभी तक 148 घोटालों में सज़ा हुई – सिर्फ़ 1 को। CBI ने 17 मामले लिए, ED ने 11 – किसी को सज़ा नहीं। NEET, AIPMT और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले हुए है ऐसे ही व्यापमं, एसएससी,पटवारी परीक्षा हो आदि में भी हमने कई घोटाले देखे हैं लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ शून्य ही हुआ है।
बेरोजगारी विरोधी आंदोलन के मनोज रजक ने बताया हमें यह देखकर गहरी चिंता हो रही है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रव्यापी संयुक्त प्रवेश परीक्षा, NEET UG का प्रश्न पत्र इस वर्ष बड़े पैमाने पर लीक हो गया है।
ऐसी ही एक घटना पहले भी घटित हुई थी, इतने बड़े पैमाने पर प्रश्न पत्र लगातार पेपर लीक होना, NTA की घोर लापरवाही के बिना नहीं हो सकता, जो सीधे केंद्र सरकार के अधीन कार्य करती है, और न ही कोचिंग उद्योग के साथ मिलीभगत के बिना। जब NEET की शुरुआत की गई थी, तब यह आश्वासन दिया गया था कि प्रवेश परीक्षा की यह नई प्रणाली भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्त होगी, जो अब असत्य सिद्ध हो गया है।
समिति के मनोज रजक ने कहा कि हाल ही में मप्र कर्मचारी चयन मंडल की वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 की रविवार को दूसरी पाली में होने वाली परीक्षा रद्द हो गई। प्रदेश सहित देशभर के भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपरलीक, धांधलीयों को लेकर छात्र-छात्राएं कई तरह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,
साथ ही में उनका कीमती समय, दूर दूर सेन्टर होने से आने-जाने व रुकने का पैसा भी बहुत अधिक खर्च होता है। बहुत सारे युवा हताश-निराश होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। हम सरकार से मांग करतें है कि तमाम भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही कर जवाबदेही तय की जाए व परीक्षा संचालन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाएं।
नुक्कड़ सभा को सुनील सेन, नीरज बैरागी ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में राधेश्याम चंदेल व स्थानीय छात्र, युवा व आमजन भी शामिल रहें। कार्यक्रम रविन्द्र प्रजापति व प्रमेंद्र लोधी ने किया।
प्रदर्शन के माध्यम से कि गयी मुख्य मांगे —
1. NEET सहित अन्य पेपरलीक घटनाओं की भी उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
2. इस भ्रष्टाचार में शामिल NTA के उच्च सभी पदों पर बैठे लोगों की पहचान की जाए और उन्हें अनुकरणीय दंड दिया जाए।
3. यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय भी किए जाएं कि भविष्य में इस तरह के प्रश्न पत्र लीक न हों इसकी गारंटी सुनिश्चित करें।
4. NTA को समाप्त कर दिया जाए। परीक्षाओं के आयोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार को स्वयं लेनी चाहिए।
5. भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पूर्णत: अंकुश लगे। इसके जिम्मेदार दोषियों को सख़्त सज़ा का कानून बनें।
6. मध्यप्रदेश सरकार 1.20लाख पदों को ख़त्म करना नहीं चलेगा व सभी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर स्थायी भर्ती करो।
7. प्रदेश सहित देशभर में सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर स्थायी भर्ती करो।
8. मध्यप्रदेश में 94हज़ार सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति रद्द करो।
आयोजक समिति देवेन्द्र सिंह भिलाला, सतेन्द्र जाटव, संजय भिलाला, देव सिंह भिलाला, दिनेश सिंह, विष्णु भिलाला, समंदर सिंह भिलाला आधि l















