राज्य सरकार के महाअभियान के अंतर्गत गुरुवार को स्थानीय बजरंग वाटिका परिसर में आयोजित ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ आमजन के लिए राहत लेकर आया।
इस शिविर में एक ही छत के नीचे 22 से अधिक सरकारी विभागों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी से मुक्ति मिली और हाथोंहाथ समाधान प्राप्त हुआ।
विधायक ने की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ की अपीलकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जहाजपुर-कोटड़ी विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकारी सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह है कि आमजन को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों में भटकना न पड़े। यह शिविर उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लें और उनका भरपूर लाभ उठाएं।
शिविर में समस्याओं का अम्बार, अधिकारियों ने दिया समाधान का भरोसाशिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने राजस्व, पंचायत राज, कृषि, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, विद्युत और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया,
जबकि लंबित मामलों के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।प्रमुख समस्याएँ जो उठीं:जलभराव की समस्या: जवाहरनगर बस्ती के निवासियों ने जलभराव के कारण हो रही गंदगी और बीमारियों के खतरे से प्रशासन को अवगत कराया।
पेयजल का संकट: कस्बेवासियों ने जलदाय विभाग की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप था कि 8-10 दिन के अंतराल में पानी मिलने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण का मुद्दा: मालियों के तालाब की चादर के पास हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग ग्रामीणों द्वारा प्रमुखता से उठाई गई।प्रशासनिक अधिकारियों ने इन सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए
नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने और व्यवस्थाओं में सुधार का ठोस आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थितिइस सफल आयोजन में उपखंड अधिकारी छत्रपाल चौधरी, नायब तहसीलदार शैतान मीणा, विकास अधिकारी सीताराम मीणा, प्रशासक शंकर लाल गुर्जर, ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक प्रतिहार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
शिविर के अंत में ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन का इस प्रकार सीधे जनता के बीच आकर उनकी समस्याओं को सुनना एक प्रशंसनीय और प्रभावी प्रयास है।















