रायपुर ग्राम पंचायत की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जिला कलेक्टर को सौंपा जनहित ज्ञापन
सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल एवं दलित-आदिवासी बस्तियों के विकास सहित 10 प्रमुख मांगें उठाईं
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।रायपुर (भीलवाड़ा)/ग्राम पंचायत रायपुर क्षेत्र में व्याप्त मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर डा. भीमराव अम्बेडकर युवा संगठन संस्था, रायपुर के अध्यक्ष ज्ञानचंद खटीक के नेतृत्व में जिला कलेक्टर भीलवाड़ा के नाम एक विस्तृत जनहित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में ग्राम पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि 1 जुलाई से पूरे गांव में सफाई व्यवस्था बंद होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही गांव की अनेक रोड लाइट एवं मुख्य स्ट्रीट लाइट पिछले लगभग एक वर्ष से बंद होने के कारण रात्रि में दुर्घटनाओं एवं असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी हुई है।
ज्ञापन में गंगापुर रोड पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने, पंचायती नोहरों से निकलने वाले अपशिष्ट का उचित निस्तारण नहीं होने, पालरा रोड एवं मंडोल रोड की जर्जर स्थिति, तथा दलित, आदिवासी, घुमंतू एवं अल्पसंख्यक बस्तियों में सड़क एवं प्रकाश व्यवस्था की उपेक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
इसके अतिरिक्त रायपुर की पेयजल व्यवस्था के प्रमुख स्रोत पनघटिया तालाब की जल आवक में वर्षों से जमा गाद एवं कचरे की तत्काल सफाई कराने की मांग भी की गई, ताकि भविष्य में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
ज्ञापन में भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 38, 39, 46, 47 एवं 243G सहित राजस्थान पंचायती राज अधिनियम एवं स्वच्छ भारत मिशन के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से सभी समस्याओं के समयबद्ध एवं स्थायी समाधान की मांग की गई।
ज्ञानचंद खटीक ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि, महामारी या दुर्घटना होती है, तो संबंधित अधिकारियों की प्रशासनिक एवं विधिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
ज्ञापन की प्रतिलिपि उपखंड अधिकारी रायपुर, विकास अधिकारी पंचायत समिति रायपुर, ग्राम पंचायत रायपुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद भीलवाड़ा, ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीएचईडी एवं पीडब्ल्यूडी विभाग को भी प्रेषित की गई।