“सात दिवसीय इन्द्रपूजा मेला का आयोजन “देखने को मिलेगा लोक संस्कृति का भव्य संगम
प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार
मधुबनी जिले के राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी परिसर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी इन्द्रपूजा मेला महोत्सव का आयोजन 23 सितंबर 2026 से 29 सितंबर तक होगी l
इन्द्रपूजा मेला महोत्सव के लिए बनाई नई कमेटी के पदाधिकारियों का कहना हैं कि इस बार मेले में मीना बाजार,झूले, मौत का कुआँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावे अनेक दुकानें आएगी l
मधुबनी जिला मुख्यालय से ग्यारह किलोमीटर दूर राजनगर प्रखंड के पब्लिक लाइब्रेरी स्थित इन्द्र भवन परिसर में आगामी इन्द्रपूजा मेला महोत्सव की भव्य तैयारियों को लेकर पैक्स अध्यक्ष बैद्यनाथ राय ‘बमबम’ की अध्यक्षता में इन्द्रपूजा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा इन्द्रपुजा महोत्सव को भव्य एवं आकर्षक बनाने का निर्णय लिया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर आने वाले आगंतुकों के लिए भगवान इन्द्र सहित अन्य देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। श्रद्धालु पूरे श्रद्धा एवं भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर दर्शन करेंगे। वहीं मेले में मीना बाजार, झूले, खान-पान के स्टॉल तथा विभिन्न प्रकार की दुकानों तथा आसपास के पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहेगा।
बैठक में बद्री नारायण राय को समिति का अध्यक्ष, रवि गुप्ता को उपाध्यक्ष, मृत्युंजय कुमार ‘कुंदन’ को सचिव तथा भोला गुप्ता को उप सचिव चुना गया। अमोल क्रांति को संयोजक एवं अनिल कुमार को उप संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। तथा प्रवीण धिरासरिया को कोषाध्यक्ष एवं नंद किशोर महतो ‘नंदू महतो’ को उप कोषाध्यक्ष बनाया गया।मेला संचालन की जिम्मेदारी पवन कुमार सिंह, संतोष महतो एवं राकेश कुमार को दी गई। वहीं मीडिया प्रभारी के रूप में नितेश्वर झा ‘छोटू’ एवं बलराम सर्राफ को मनोनीत किया गया।
संरक्षक मंडल में बैद्यनाथ राय, दयानंद प्रसाद गुप्ता, पवन राय, शंभू साह, मौसम गुप्ता एवं शंकर राय को शामिल किया गया। वहीं समिति के सदस्यों में चरण सिंह, सिंटू सिंह, पिंकू साह, चंदन कुमार, राजू साह, चंद्रेश साह, रिंकू गुप्ता एवं शैलेंद्र गुप्ता को सर्वसम्मति से चुना गया।
बताते चले कि मधुबनी जिले के राजनगर में इन्द्रपूजा मेला मिथिला की एक बहुत पुरानी और भव्य सांस्कृतिक परंपरा है। “इन्द्र” को देवताओं का राजा माना जाता है और बारिश, सुख-समृद्धि के लिए उनकी पूजा की जाती है। राजनगर सहित पूरे मधुबनी जिले में इन्द्रपूजा सात से दस दिनों तक मनाई जाती है। पूजा भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष से शुरू होकर आश्विन तक चलती हैं l
मिथिला में मान्यता है कि देवराज इन्द्र की पूजा से अकाल नहीं पड़ता और खेती अच्छी होती है। इसी आस्था के कारण राजनगर में पिछले तीस – चालीस सालों से ये पूजा बड़े स्तर पर हो रही है।इन्द्रपूजा सिर्फ पूजा नहीं, मिथिला की सामाजिक एकता का पर्व हैं l