असम में जल प्रलय: 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित, 68 से ज्यादा मौतें; 763 गांव जलमग्न
लगातार बारिश और नदियों के उफान से बिगड़े हालात, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत-बचाव कार्य में जुटीगुवाहाटी/असम। असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भीषण बाढ़ का रूप ले लिया है। राज्य के कई हिस्सों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
जोरहाट, चराईदेव, गोलाघाट, नागांव और शिवसागर सहित कई जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां 763 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं। बाढ़ की इस त्रासदी में अब तक 68 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। कई स्थानों पर सड़कें, पुल और कृषि भूमि पानी में डूब गई हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। अनेक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है और कई इलाकों तक राहत दलों का पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्थानीय पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। नावों और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है तथा राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
असम की यह भीषण बाढ़ एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौतियों को सामने लेकर आई है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा कर प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटाया जा सके।