बिहार। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों की गई समीक्षा

IMG-20260801-WA0020

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार

श्रावणी मेला-2026 श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार। श्रावण मास में 298 स्थानों पर दंडाधिकारी-पुलिस पदाधिकारी तैनात, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी।

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में आज श्रावणी मेला-2026 के मद्देनजर आयोजित ब्रीफिंग में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रशासनिक एवं पुलिस प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी संयुक्त आदेश के विभिन्न बिंदुओं की जानकारी देते हुए सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस अवधि में प्रत्येक सोमवार को जिले के विभिन्न शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा तथा 28 अगस्त 2026 को श्रावणी पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।

साथ ही 04 अगस्त 2026 को मुस्लिम समुदाय द्वारा चेहल्लुम भी मनाया जाएगा। ऐसे में सभी पर्वों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है। बैठक में विशेष रूप से बिस्फी थाना क्षेत्र के नरसाम-भैरवा स्थित उगना महादेव मंदिर की संवेदनशीलता पर चर्चा की गई।

बताया गया कि प्रत्येक सोमवार को बलहा घाट से लगभग 7 किलोमीटर की पदयात्रा कर श्रद्धालु उगना महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचते है ।श्रावणी मेले के दौरान जिले के विभिन्न शिव मंदिरों एवं प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिले के 298 स्थानों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इसके अतिरिक्त उगना महादेव मंदिर क्षेत्र में 143 दंडाधिकारी, 124 पुलिस पदाधिकारी, 320 सशस्त्र बल, 268 लाठी बल, 86 महिला पुलिस, 106 चौकीदार एवं 55 अन्य कर्मियों सहित कुल 1102 पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही QRT की दो टीमों को भी तैनात किया गया है।

जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहकर विधि-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें, किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों एवं जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराएं तथा श्रद्धालुओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करें।

आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल की मांग भी तत्काल जिला स्तर पर भेजने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि बिस्फी के उगना महादेव मंदिर के अतिरिक्त रहिका प्रखंड के कपिलेश्वर स्थान, पंडौल प्रखंड के उगना महादेव एवं दोमंठा मंदिर, हरलाखी के कलानेश्वर महादेव मंदिर, राजनगर के भूतनाथ मंदिर, झंझारपुर, फुलपरास, जयनगर सहित जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है।

इन सभी स्थलों पर भी पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव, ऑटो स्टैंड, प्रमुख मार्गों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह अथवा भ्रामक सूचना फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी तथा ऐसे मामलों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारी अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को दें।

प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम वातावरण में पूजा-अर्चना की सुविधा उपलब्ध कराना है। श्रावणी मेला-2026 के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन समन्वित रूप से कार्य करेगा।

About The Author